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जिंदगी और मौत से संघर्ष करते-करते हार गयी एसडीएम संगीता कनौजिया

ऋषिकेश। जिंदगी और मौत से संघर्ष करते-करते एसडीएम संगीता कनौजिया हार गयी। रुड़की हादसे में घायल एसडीएम की गुरुवार सुबह करीब 10 बजे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में निधन हो गया। 16 अप्रैल को रुड़की में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री धामी ने दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिये थे।

26 अप्रैल को लक्सर में हुई थी सड़क दुर्घटना


हरिद्वार जिले के लक्कर में तैनात एसडीएम संगीता कनौजिया की दुखद मृत्यु की पुष्टि उपजिलाधिकारी ऋषिकेश शैलेंद्र सिंह नेगी ने की है। 26 अप्रैल को लक्सर मार्ग पर भीषण हादसा हुआ था, जिसमें एसडीएम संगीता कनौजिया की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी। उनके चालक गोविंद राम की मौके पर ही मौत हो गयी थी, जबकि एसडीएम संगीता कनौजिया को गंभीर हालत में रुड़की के विनय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।

एम्स के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थी संगीता
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि एम्स के क्रिटिकल केयर यूनिट पर उनको भर्ती कराया गया था। उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था। एमआरई रिपोर्ट में उनकी गर्दन, छाती और सिर में गंभीर चोटें पाई गयीं थीं। हादसे के वक्त उनके एक हाथ की हड्डी भी टूट गयी थी। आज सुबह 10 बजे आखिरकार वो जिंदगी और मौत से लड़ते लड़ते हार गयीं। उनके परिजन यहीं पर मौजूद थे। संगीता कनौजिया ऋषिकेश निवासी रमेश कनौजिया की पुत्री थीं।

जिलाधिकारी ने जताया दुख
जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने उपजिलाधिकारी संगीता कनौजिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा शांति की कामना करते हुए शोत संतप्त परिजनों को यह दारुण दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए भगवान से प्रार्थना की है। https://sarthakpahal.com/

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