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बहरीन में आयोजित युवा एशियाई खेलों में पिथौरागढ़ की खुशी चंद ने जीता स्वर्ण पदक

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बहरीन, 30 अक्टूबर। मनामा, बहरीन में 23 से 30 अक्टूबर तक आयोजित हुए तीसरे एशियाई युवा खेलों में पिथौरागढ़ जिले की खुशी चंद ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। खुशी ने 23 सदस्यीय भारतीय दल के साथ टूर्नामेंट में प्रतिभाग किया। खुशी ने अण्डर-17 बालिका वर्ग के 44-46 किग्रा भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया और चीन की बॉक्सर लूओ जिन्शियु को फाइनल में हराकर देश-प्रदेश व जनपद का नाम अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया है।
भारत ने एशियाई युवा खेलों में अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा है। भारत ने इस टूर्नामेंट में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने के अलावा बीच कुश्ती में भी तीन स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। भारतीय मुक्केबाजों खुशी चंद, अहाना शर्मा और चंद्रिका भोरेशी पुजारी ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि लैंचेनबा सिंह मोइबुंगखोंगबाम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
प्रतियोगिता की तैयारी के लिये खुशी ने एनआईएस पटियाला में प्रशिक्षण प्राप्त किया। खुशी इससे पूर्व भी कई राष्ट्रीय अर्न्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त कर चुकी है। वह मूलरूप से बड़ालू, पिथौरागढ़ की रहने वाली हैं और नगर के मल्ल एकेडमी में बॉक्सिग कोच विजेन्द्र मल्ल से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। खुशी की बड़ी बहन निकिता चंद भी अन्तर्राष्ट्रीय बॉक्सर है। जिला क्रीड़ा अधिकारी अनूप बिष्ट ने कहा कि खुशी चंद विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्णिम उपलब्धि हासिल कर जिले के बॉक्सरों के लिये प्रेरणास्त्रोत बनी हैं।देश विदेश की ताजा खबरों के लिए देखते रहिये https://sarthakpahal.com/
भारत के पदकों की संख्या 41 हुई
इस तरह भारत के पदकों की संख्या 41 हो गई जिसमें 12 स्वर्ण, 15 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं। सुबह के स्वर्णिम सत्र में खुशी (46 किग्रा) ने चीन की लुओ जिनशियू के खिलाफ 4-1 से शानदार जीत के साथ भारत के लिए मुक्केबाजी में दिन का पहला स्वर्ण जीता। अहाना (50 किग्रा) ने इसके बाद एकतरफा जीत हासिल की जब पहले राउंड में ही दक्षिण कोरिया की मा जोंग हयांग के खिलाफ रैफरी को मुकाबला रोकने (आरएससी) के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसके बाद चंद्रिका (54 किग्रा) ने उज्बकिस्तान की मुहम्मदोवा कुमरिनिसो को 5-0 से हराकर भारत की स्वर्ण पदक की हैट्रिक पूरी की। पदक की गिनती और भी बढ़ सकती है क्योंकि हरनूर कौर (66 किग्रा) और अंशिका (80 किग्रा से अधिक) शाम के सत्र में अपने-अपने वर्ग में फाइनल में हिस्सा लेंगी जिसमें भारत की नजरें स्वर्ण पदक का रिकॉर्ड बनाने पर है। लड़कों के फाइनल में लैंचेनबा (50 किग्रा) को कजाखस्तान के नूरमाखान झुमगली के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

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