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पौड़ी के डोभाल ढांडरी में गुलदार को मारने के आदेश, शूटर ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों ने स्थगित किया धरना

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पौड़ी, 28 नवम्बर। जिला मुख्यालय से सटे डोभाल ढांडरी गांव में आतंक का पर्याय बन चुके गुलदार को शूट करने के आदेश जारी हो गए हैं. गुलदार को शूट करने के आदेश जारी होती ही पिछले पांच दिनों से चल रहा ग्रामीणों का धरना और सड़क जाम आखिरकार समाप्त हो गया है. वन विभाग ने विभागीय शूटर को गांव में तैनात कर दिया है. गुलदार की खोज में अभियान शुरू कर दिया गया है.

बुजुर्ग महिला पर गुलदार ने किया था हमला
गौर हो कि 21 नवंबर को घास काटते समय गुलदार के हमले में एक बुजुर्ग महिला घायल हो गई थीं. घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी रोष था. लोगों ने पौड़ी–श्रीनगर हाईवे जाम कर प्रशासन को 24 घंटे में गुलदार को मारने का अल्टीमेटम दिया था.

ग्रामीणों का कहना था कि जंगली जानवरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि गांव के लोग घर से अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं. इसके बावजूद विभाग और सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा.

घायल महिला से मिले गणेश गोदियाल और हरक सिंह रावत
वहीं, बीती दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी डोभाल ढांडरी पहुंचे. दोनों नेताओं ने घायल महिला का हाल जाना और ग्रामीणों की मांगों को उचित ठहराते हुए जल्द समाधान की बात कही.

शूटर ने संभाला मोर्चा


शूटर की तैनाती के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन तो स्थगित कर दिया है, लेकिन लोगों की निगाहें अब गुलदार को पकड़े जाने या मार गिराए जाने की कार्रवाई पर टिकी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर कार्रवाई ठोस नहीं हुई तो वे फिर आंदोलन का रुख करने को मजबूर होंगे.

गढ़वाल के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि डोभाल ढांढरी समेत आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अब निर्णायक कदम उठाए गए हैं. वन विभाग ने पहले गुलदार को पिंजरे में कैद करने और ट्रेंकुलाइज यानी बेहोश करने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली.

इसके बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की ओर से गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. इन आदेशों के तहत विभागीय शूटर को गांव में तैनात कर दिया गया है, जो वन विभाग की टीम के साथ लगातार पेट्रोलिंग कर रहा है.

क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों के माध्यम से गुलदार की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दिन-रात गश्त जारी है. जिले में बढ़ते वन्यजीव हमलों के मद्देनजर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं.

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने प्रभावित गांवों की स्थिति, जंगली जानवरों के हमलों के मामलों, पीड़ितों को दिए गए मुआवजे और जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डीएम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में महिलाएं चारा और पत्ती लेने एक साथ समूह में जाएं और रिफ्लेक्टिंग जैकेट पहनकर जाएं. ताकि, वन्यजीव उनकी उपस्थिति को तत्काल पहचान सकें.

इस दौरान एसडीओ वन विभाग को गुलदार, बाघ और भालू प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन करने, वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और ग्रामीणों में जागरूकता अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए गए. लगातार हो रही घटनाओं से गांवों में दहशत का माहौल था. वहीं, गुलदार को मारने के आदेश और शूटर की तैनाती के बाद ग्रामीणों में राहत और सुरक्षा की उम्मीद बढ़ी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग और प्रशासन इसी तरह सक्रिय रहा तो जल्द ही खतरे पर नियंत्रण पाया जा सकेगा.

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