
कोटद्वार, 6 दिसम्बर। श्री सिद्धबली बाबा वार्षिक अनुष्ठान महोत्सव के पहले दिन बैंडबाजों और ढोल नगाड़ों के साथ नगर में श्री सिद्धबली बाबा की भव्य शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा को देखने के लिए शहर में भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान जगन्नाथ, तिरुपति बालाजी की झांकी, सिद्धबाबा का डोला, रावण तप समेत अन्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। शुक्रवार शाम को बदरीनाथ मार्ग पर शोभायात्रा का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने भगवान गणेश के डोले के समक्ष नारियल फोड़कर किया। इस वर्ष की झांकी में भगवान गणेश का डाेला, विशाल हनुमान, आदि शिव, माता, रावण तप, मां काली, भगवान राम, राधा-कृष्ण, भगवान जगन्नाथ, तिरुपति बालाजी समेत अन्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
शनिवार को जागर संध्या का शुभांरभ मंगलेश डंगवाल ने भगवान गणेश की वंदना से किया। इसके उपरांत उन्होंने ‘रक्षा करी सिद्धबली बाबा…’, ‘शिव कैलाशु रन्दन…’, ‘जो जस ह्रगी बाबा जी…’, ‘हे हनुमंत वीरा…’, ‘शेरावाली हे माता अंबा…’, ‘मैया तेरी जै जै कार…’ ‘शीश नवाओ बाबा सिद्धबली के चरणों में…’ में सहित अन्य गीतों की प्रस्तुति दी।

इस दौरान गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मंदिर समिति व पुलिस के साथ साथ एनसीसी कैडेट्स ने भी सहयोग दिया।
श्री सिद्धबली बाबा वार्षिक अनुष्ठान महोत्सव के दूसरे दिन लोकगायक मंगलेश डंगवाल के गीतों का जादू देखने को मिला। डंगवाल के गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान गढ़वाल की संस्कृति पर आधारित विभिन्न झांकियां भी निकाली गई।



