
देहरादून, 9 दिसम्बर। प्रदेश में राशन कार्ड बनवाने की आवेदन प्रक्रिया अगले वर्ष से आनलाइन हो जाएगी। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में मंगलवार को इसके निर्देश दिए।
राशन डीलरों के भुगतान और बिलिंग की प्रक्रिया भी होगी आनलाइन
मंगलार को सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की विसंगति को दूर करने के लिए पूरी प्रक्रिया को आनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राशन विक्रेताओं के भुगतान और उनकी बिलिंग की प्रक्रिया को भी आनलाइन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि इस वर्ष मई महीने तक का लाभांश सभी जनपदों में राशन वितरण कर्ताओं को दिया जा चुका है और अगले तीन महीने का लाभांश भी दो से तीन दिन में उन्हें भेज दिया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल अब तक केंद्र सरकार की ओर से दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है। लक्ष्य को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के साथ पत्राचार किया जा रहा है। जिससे प्रदेश के अन्य धान किसानों की फसल भी एमआरपी पर खरीदी जा सके।
राशनकार्ड बनाने में संवेदनशीलता बरतें अधिकारी
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बैठक में कहा कि नए राशन कार्ड बनाते समय सिर्फ इस चीज को आधार ना बनाया जाए कि किसका आवेदन कितना पुराना है। बल्कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि सबसे ज्यादा जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन कार्ड पहले मिले। इस प्रक्रिया में उन्होंने विकलांग, तलाकशुदा, परित्यकता, अनाथ और मानसिक रूप से कमजोर लोगों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बैठक में कहा कि नए राशन कार्ड बनाते समय सिर्फ इस चीज को आधार ना बनाया जाए कि किसका आवेदन कितना पुराना है। बल्कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि सबसे ज्यादा जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन कार्ड पहले मिले। इस प्रक्रिया में उन्होंने विकलांग, तलाकशुदा, परित्यकता, अनाथ और मानसिक रूप से कमजोर लोगों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
बैठक में खाद्य सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त रणवीर चौहान, अपर आयुक्त पीएस पांगती, राशन डीलर एसोसिएशंस के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधार बृजवासी समेत अन्य अधिकारी व राशन विक्रेताओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।



