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पौड़ी में जंगली जानवरों का आतंक, कांग्रेस का प्रदर्शन, गोदियाल ने सरकार को चेताया

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पौड़ी गढ़वाल, 17 दिसम्बर। उत्तराखंड में बीते कुछ समय से लोग जंगली जानवरों के आतंक से परेशान है. जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की तरफ आ रहे है, जो मवेशियों के साथ-साथ इंसानों को भी अपना शिकार बना रहे है. इसीलिए उत्तराखंड में इस वक्त मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ गई है. वहीं आज इन सभी मामलों को लेकर कांग्रेस ने पौड़ी गढ़वाल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मौजूद रहे.

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की कि जंगली जानवरों के आतंक से लोगों को निजात दिलाई जाए. इस दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि बेरोजगारी और मूल-भूत सुविधाओं के अभाव में लोगों पहले ही पहाड़ों से पलायन कर चुके है. वहीं अब जो लोग गांव में रहकर अपना जीवनयापन कर रहे है, उन्हें जंगली जानवरों का भय सता रहा है.

भालू और गुलदार जैसे जानवरों के कारण ग्रामीणों ने खेतों पर जाना भी छोड़ दिया. महिलाएं जंगलों में मवेशियों से लिए चारा लेने भी नहीं जा पा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खेती-बाड़ी और बागवानी तक नहीं कर पा रहे हैं. इससे न केवल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी आजीविका पर भी सीधा संकट खड़ा हो गया है.

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने मांग की कि जिन क्षेत्रों में गुलदार की सक्रियता और हमले लगातार सामने आ रहे हैं, वहां तत्काल प्रभावी निर्णय लिए जाएं. वन विभाग की निगरानी बढ़ाई जाए. इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज की जाए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ टीमों की तैनाती की जाए, ताकि ग्रामीण बिना भय के अपने दैनिक कार्य कर सकें. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी. उनका कहना है कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

प्रदेश सरकार पहाड़ में बचे हुए लोगों की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है. रोजाना जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही प्रभावी कार्ययोजना. इसके कारण ग्रामीण लगातार जंगली जानवरों का शिकार बन रहे हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है.
-गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

गणेश गोदियाल का आरोप है कि सरकार और शीर्ष नेतृत्व केवल बैठकों तक सीमित है, जबकि अधिकारी जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं. वहीं जिला पंचायत सदस्य पूनम कैंतुरा ने कहा कि सरकार ग्रामीण जनता के प्रति पूरी तरह उदासीन हो चुकी है. जहां भी जंगली जानवरों का आतंक है, वहां गांव स्तर पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं. सरकार केवल बयानबाजी कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी.

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