
ऋषिकेश, 28 दिसम्बर। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर वन विभाग की ओर से शिवाजीनगर, बापू्ग्राम, सुमन विहार, नंदूफार्म, अमितग्राम, रूषा फार्म में खाली प्लॉटों का अधिग्रहण करने से गुस्साए लोगों ने हाईवे और बाईपास मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। मनसा देवी फाटक पर करीब पौने तीन घंटे ट्रेन को रोके रखा। रेलवे ट्रैक खाली करने के दौरान पुलिस और लोगाें की नोकझाेंक हो गई। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन हो पाया।
सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर वन विभाग की ओर से खाली प्लॉटों की सूची तैयार कर वहां पर साइनबोर्ड लगाकर उसकी जियो टैगिंग की जा रही है। वन विभाग को पांच जनवरी 2026 को इसकी रिपोर्ट सुप्रीमकोर्ट में जमा करनी है। लोग वन विभाग की टीम को कॉलोनी में जाने से रोक रहे हैं। रविवार को सुबह 10 बजे लोगों ने अमितग्राम में छह नंबर गली के बाहर बाईपास मार्ग पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बाईपास मार्ग वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। उसके बाद भीड़ बाईपास मार्ग पर मनसा देवी फाटक पर पहुंची, यहां पर चौक पर जाम लगा दिया।
मनसा देवी रेलवे फाटक पर रेलवे ट्रैक पर बैठ गयी महिलाएं
कुछ लोगों की भीड़ पास में ही मनसा देवी रेलवे फाटक पर बैठ गई। आंदोलित लोग प्रदेश सरकार और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान हरिद्वार से योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन की ओर आ रही अहमदाबाद मेल को आगे भेजने के लिए पुलिस ने लोगों को ट्रैक से हटाकर ट्रेन को आगे भिजवाया। दोपहर 12:50 बजे ऋषिकेश रेलवे स्टेशन श्री गंगानगर (राजस्थान) जाने वाली ट्रेन मनसा देवी फाटक से 200 मीटर की दूरी पर खड़ी हो गई।
ट्रैक पर भीड़ देख पायलट ने गीतानगर के पीछे ही ट्रेन खड़ी कर दी। वह ट्रैक खाली होने का इंतजार करने लगा लेकिन पुलिस और आरपीएफ की ओर से समझाने के बाद भी भीड़ ट्रैक से नहीं हटी। इस दौरान पुलिस की ओर से भीड़ को हटाने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ी। यह देख आक्रोशित लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। उसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। 3:30 बजे ट्रैक खाली होने के बाद रेल यातायात बहाल हो पाया। वहीं योगनगरी ऋषिकेश आ रही कोच्चीवली एक्सप्रेस को वीरभद्र रेलवे स्टेशन पर रोका गया था।
वन मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीण
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद, वन विभाग मुर्दाबाद, क्षेत्रीय विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही वन मंत्री सुबोध उनियाल को मौके पर बुलाने की मांग की गई। लोगों का कहना था कि जब तक वन मंत्री या सरकार का कोई बड़ा प्रतिनिधि मौके पर आकर उनसे बात नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं हटे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोगों की संख्या ज्यादा होने से स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।



