
मसूरी, 30 दिसम्बर। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मसूरी में छात्र संघ अध्यक्ष प्रवेश राणा के नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मसूरी के पिक्चर पैलेस चौक से लेकर ग्रीन चौक तक विरोध रैली निकाली गई, जिसमें प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और अंकिता भंडारी को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।रैली में शामिल कांग्रेस नेताओं सुशांत वोहरा, मेक सिंह कंडारी, राजीव रावत, महेश चंद, गौरव गुप्ता और जगपाल गुसाई ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप
नेताओं ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार महिलाओं के साथ अत्याचार करने वालों और अपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में भाजपा से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका लगातार उजागर हो रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
सीबीआई जांच न होने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम इस पूरे मामले में खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मामले में “वीआईपी” आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले में शामिल सभी दोषियों को, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस नेताओं और छात्रसंध प्रवेष राणा ने प्रदेष की भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 से 20 दिनों के भीतर सीबीआई जांच की घोषणा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसके तहत सचिवालय का घेराव, मुख्यमंत्री आवास का घेराव और भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रदेशभर में व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे।



