
ऋषिकेश, 3 जनवरी। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कई सवालों के जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेशभर में कांग्रेस, भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. नारेबाजी के साथ ही सरकार का पुतला फूंकते हुए कथित वीआईपी के नाम का खुलासा और सीबीआई जांच की मांग की जा रही है. इसी क्रम में शनिवार को महिला कांग्रेस ने यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव करने के लिए कूच किया.
आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में रोका
उत्तराखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 3 जनवरी को ऋषिकेश स्थित पौड़ी गढ़वाल जिले की यमकेश्वर सीट से विधायक रेनू बिष्ट के आशुतोष नगर आवास का घेराव करने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और घेराव करने जा रही प्रदर्शनकारी महिलाओं को आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में रोक दिया. पुलिस के रोकने से महिला कांग्रेस नेता भड़क गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं. इस दौरान ज्योति रौतेला ने बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की. जहां उनकी पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. इसके बाद ज्योति रौतेला सड़क पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं.

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर श्रीनगर में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया. इस रैली में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए. पूरे शहर में निकाली गई रैली के जरिए कांग्रेस ने संदेश दिया कि अंकिता भंडारी मामले में सरकार चुप्पी साधे हुए है.
अंकिता की हत्या के बाद रेनू बिष्ट ने रिसार्ट में चला दिया था बुलडोजर
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, अंकिता भंडारी के साथ हुआ घटनाक्रम पौड़ी जिले के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र का है. जहां घटना के तुरंत बाद स्थानीय विधायक द्वारा रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर अहम सबूतों को मिटाने का काम किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि रिसॉर्ट में बुलडोजर नहीं चलाया गया होता, तो वहां मौजूद सबूतों के आधार पर इस मामले में शामिल कथित वीआईपी का नाम पहले ही सामने आ जाता. कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और सबूत मिटाने के आरोपों को लेकर विधायक रेनू बिष्ट के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. रेनू बिष्ट पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी काम करती थी, जहां उस पर दबाव डाला गया था, उसी रिसॉर्ट को रेनू बिष्ट ने जेसीबी चलाकर गिरा दिया था. कांग्रेस ने रेनू बिष्ट पर सबूतों को मिटाने का आरोप लगाया.
गणेश गोदियाल बोले सरकार VIP को बचाने का प्रयास कर रही
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि, बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में कांग्रेस पार्टी शुरू से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है. जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा. इस पूरे मामले में जितने भी अपराधी शामिल हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार वीआईपी से जुड़े नए-नए ऑडियो और वीडियो सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है.
दरअसल, हाल में ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने एक ऑडियो जारी करते हुए कथित वीआईपी और कथित ‘गट्टू’ के नाम का खुलासा किया था. इस ऑडियो के वायरल होने के बाद प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ कांग्रेस, यूकेडी और अन्य सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं. साथ ही सीबीआई जांच की मांग की जा रही है.



