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अंकिता हत्याकांड में VIP के नाम के खुलासे की CBI जाच को सरकार ने केंद्र को भेजा पत्र

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देहरादून, 12 जनवरी। अंकिता भंडारी प्रकरण में वीआइपी वाले कोण की जांच को लेकर उत्तराखंड शासन ने कदम आगे बढ़ाया है। राज्य सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए केंद्र सरकार को औपचारिक अनुरोध भेजा है।
गृह सचिव शैलेश बागैली ने सचिव, केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पत्र भेजकर कहा कि प्रकरण में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सीबीआइ जांच जरूरी है।
अंकिता भंडारी प्रकरण प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में है। मामले के तीनों आरोपितों को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके बावजूद प्रकरण में वीआइपी जुड़े होने के कोण पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। घटना के तुरंत बाद एसआइटी का गठन कर विस्तृत जांच की गई थी और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए एक आडियो-वीडियो ने प्रकरण में वीआइपी को लेकर सवाल उछाले थे। इस बीच अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग की थी। इसी अनुरोध को ध्यान में रखते हुए शासन ने केंद्र को पत्र भेजकर जांच की संस्तुति की है।
पत्र में गृह सचिव शैलेश बागैली ने लिखा है कि इस प्रकरण में इंटरनेट पर लगातार खबरें और आरोप सामने आ रहे हैं। न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। केंद्र को भेजे पत्र में कहा गया है कि एफआइआर के आधार पर इस जांच को तुरंत कराया जाए ताकि वीआइपी कोण समेत सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके।

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