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सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद केदारनाथ में हेली सेवा की नहीं होगी अनुमति

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देहरादून, 28 जनवरी। आगामी चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षित केदारनाथ हेली सेवा संचालन पर सख्ती व निगरानी रहेगी। सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद हेलिकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं होगी। डीजीसीए के दिशानिर्देश पर इस बार भी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। बीते वर्ष से चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ घाटी व उत्तरकाशी में दो बड़े हेलिकॉप्टर हादसे 13 लोगों की मौत हुई थी।

पर्वतीय में विषय भौगोलिक परिस्थिति व खराब मौसम में हेलिकॉप्टर का संचालन बेहद ही चुनौतीपूर्ण रहता है। चारधाम यात्रा के दौरान खासकर केदारनाथ जाने के लिए हेली सेवा की काफी मांग रहती है। बीते वर्ष 15 जून 2025 को केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हुई थी। वहीं आठ मई 2025 को उत्तरकाशी के गंगनानी में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 17 मई 2025 केदारनाथ धाम के समीप हेली एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इन हादसों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए और हेली सेवा संचालन के लिए एसओपी को लागू किया।

हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियां अनुभवी पायलट करेंगी तैनात
डीजीसीए ने एसओपी में केदारनाथ घाटी में हेली उड़ानों में 30 प्रतिशत की कमी है। इसके अलावा सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के बाद हेलिकॉप्टरों को उड़ने की अनुमति नहीं होगी। मौसम खराब होने की स्थिति में हेली सेवा का संचालन नहीं किया जाएगा। हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियां अनुभवी पायलट को तैनात करेगी। जिन्हें उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान का अनुभव हो।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान का कहना है कि सुरक्षित हेली सेवा के लिए बीते वर्ष एसओपी लागू की है। इस बार भी हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। हेली सेवा से जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमों का सख्ती से पालन करने के साथ कड़ी निगरानी की जाएगी।

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