
गाजियाबाद, 4 फरवरी। गाजियाबाद में नौवीं मंजिल के एक फ्लैट की बालकनी से कथित तौर पर कूदने से तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई. जिसके बाद पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की लत और एक ऑनलाइन कोरियन गेम के इफेक्ट की जांच तेज कर दी है. घटना से जहां परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं इलाके में भी हड़कंप मच गया है. गाजियाबाद की तीनों बहनें लॉकडाउन से ऑनलाइन गेमिंग, खासकर कोरियन गेम्स की आदी थीं. स्कूल छोड़ चुकी इन बहनों का जीवन मोबाइल तक सिमट गया था. दो शादियां करने वाले पिता के पांच बच्चों में ये तीनों शामिल थीं. पुलिस को एक डायरी मिली है, जिससे घटना की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है.
शुरुआती जांच में ये पता चला

न्यूज एजेंसी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल ने बताया कि आगे की जांच में पता चला कि लड़कियां कोरियन कंटेंट से प्रभावित थीं और अपने मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं. उन्होंने कहा, परिवार के सदस्यों ने पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिससे वे परेशान थीं और शायद इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया. ACP सिंह ने कहा, तीनों सब कुछ एक साथ करती थीं – नहाने, खाने और सोने से लेकर स्कूल जाने तक.
देर रात नौवीं मंजिल से कूदीं
पुलिस को सुबह करीब 2.15 बजे सूचना मिली कि साहिबाबाद इलाके में टीला मोड़ पुलिस स्टेशन के तहत भारत सिटी के एक टावर में नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से तीन लड़कियों ने छलांग लगा दी है.
मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि चेतन कुमार की बेटियां- निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गिरी थीं और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं. उन्हें एम्बुलेंस से लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
DCP पाटिल ने बताया कि लड़कियों की पढ़ाई अनियमित थी और वे पिछले दो सालों से स्कूल नहीं जा रही थीं. उन्होंने कहा कि पहले भी उनका एकेडमिक प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था. उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि मोबाइल फोन और गेमिंग की लत कब शुरू हुई, और जांच शुरुआती दौर में है. लेकिन यह साफ है कि लड़कियां मोबाइल फोन के इस्तेमाल की बहुत ज़्यादा आदी थीं.
परिवार में पांच भाई-बहन, पिता ने की दो शादियां
पुलिस ने बताया कि परिवार में पांच भाई-बहन थे. चार बहनें और एक भाई. पिता ने दो शादियां की थीं. परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे. अधिकारियों ने बताया कि यह घटना देर रात हुई जब परिवार के बाकी सदस्य सो गए थे. जांच के दौरान, पुलिस को लड़कियों के स्टेशनरी से एक डायरी मिली जिसमें घटना से जुड़ी चीज़ें थीं.
18 पेज का लिखा सुसाइड नोट
आत्महत्या करने से पहले तीनों ने एक 18 पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। सुसाइड नोट के पहले पेज पर लिखा है ट्रू लाइफ स्टोरी, इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है वह सब पढ़ लो। क्योंकि यह सब सच है, रीड नाऊ। इसके बाद पेज पर रोने की इमोजी भी बनाई गई है। बाद में आई एम रियली सॉरी पापा लिखा है। इतना ही नहीं सुसाइड नोट में गेम न छोडऩे की बात भी लिखी है।
अंदर से कमरा लॉक किया और स्टूल पर चढ़कर बालकनी से लगा दी छलांग
बताया गया है कि काफी कहने के बाद भी तीनों गेम नहीं छोड़ पा रही थी। इसके चलते परिजनों ने कई बार उन्हें डांटा भी था। इतना ही नहीं तीनों ने आत्महत्या करने से पहले अपना कमरा अंदर से लॉक किया। इसके बाद तीनों बालकनी में पहुंची। इसके बाद स्टूल पर चढक़र बालकनी की 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी।
2साल से नहीं जा रही थीं स्कूल
चेतन ने बताया कि तीनों बच्चियां ऑनलाइन गेम कोरियन लव की लती हो गई थीं। वह दो साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं। हालांकि, यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि बच्चियां 2 साल स्कूल नहीं जाए और मां-बाप कुछ न करें? पुलिस इसकी जांच कर रही है।



