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-13 से -15 डिग्री तापमान के बीच बदरीनाथ में कठिन तपस्या में लीन सााधु

केएस रावत। भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम से इन दिनों भक्ति और अटूट आस्था का विस्मयकारी दृश्य देखने को मिल रहा है। मंगलवार को धाम में हुई भारी बर्फबारी के बीच एक साधु शून्य से नीचे माइनस -13 से -15 डिग्री तापमान में खुले आसमान के नीचे मौन तपस्या करते नजर आए। कड़ाके की ठंड और चारों ओर बिछी बर्फ की चादर के बीच उनकी यह साधना हिमालय की दिव्य शक्ति और ईश्वर के प्रति अटूट समर्पण को जीवंत कर रही है। इस समय मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियां पूरी तरह बर्फ से ढकी हुई हैं।
शीतकाल के चलते धाम के कपाट बंद होने के बावजूद, आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए कुछ साधु-संत प्रशासन से विशेष अनुमति लेकर यहां डटे रहते हैं। इस हृदयस्पर्शी दृश्य को उनके ही एक साथी संत ने कैमरे में कैद किया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जहां आम इंसान का ठहरना भी दूभर है, वहां ये साधक अदम्य इच्छाशक्ति के साथ साधना में लीन है। ताजा जानकारी के अनुसार इस समय बदरीनाथधाम में 2 से 3 फीट तक बर्फ जमी हुई है। रात के समय यहां का तापमान -13 से -15 डिग्री तक गिर रहा है, जिस कारण बद्रीश झील और अन्य जल स्रोत जम गये हैं। मौसम विभाग के अनुसार 6 फरवरी से फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर ऊंचाई वाले इलाकों में और अधिक बर्फबारी होने की संभावना है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कपाट बंद होने के दौरान बदरी विशाल की भूमि में की गई तपस्या का विशेष फल प्राप्त होता है। यही अटूट विश्वास इन साधकों को हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी शक्ति प्रदान कर रहा है।

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