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राज्य आंदोलन में जेल गये लोगों की पेंशन में बढ़ोत्तरी, दिव्यांग हुए लोगों की पेंशन 30 हजार हुई

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देहरादून, 12 फरवरी। राज्य गठन में अहम भूमिका निभारने वाले राज्य आंदोलनकारियों को अब बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी। उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों के लिए प्रदेश सरकार ने खजाना खोलते हुए विभिन्न पेंशन में बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है. इसमें शहीदों के परिजनों को मिलने वाली पेंशन से लेकर राज्य आंदोलनकारियों को भी बढ़ी हुई पेंशन देने का फैसला किया है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में दी जा रही मासिक पेंशन राशि में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की है. इस फैसले को राज्य निर्माण आंदोलन से जुड़े लोगों के त्याग और बलिदान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है.

राज्य के लिए जेल जाने वालों की पेंशन 7000 हुई
सरकार के निर्णय के अनुसार उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए अथवा आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन 6000 से बढ़ाकर 7000 कर दी गई है. यह वृद्धि उन आंदोलनकारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जिन्होंने राज्य निर्माण की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई और कठिन परिस्थितियों का सामना किया.

अन्य राज्य आंदोलनकारियों की 1000 हजार रुपए वृद्धि
इसी प्रकार जेल गए या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन भी बढ़ाई गई है. इस श्रेणी में आने वाले आंदोलनकारियों को अब 4500 के स्थान पर 5500 प्रतिमाह पेंशन मिलेगी. सरकार का मानना है कि राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले सभी लोगों को समान रूप से सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए.

राज्य आंदोलन के दौरान दिव्यांग होने वालों की पेशन 30 हजार हुई
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उन आंदोलनकारियों के लिए लिया गया है, जो आंदोलन के दौरान विकलांग होकर पूरी तरह शय्याग्रस्त (बेडरिडन) हो गए थे. ऐसे आंदोलनकारियों की विशेष पेंशन 20,000 से बढ़ाकर 30,000 प्रतिमाह कर दी गई है. यह वृद्धि उनके चिकित्सा और देखभाल से जुड़े बढ़ते खर्चों को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि उन्हें बेहतर जीवनयापन में सहायता मिल सके.

शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों की पेशन भी बढ़ी
इसके साथ ही राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी की गई है. पहले जहां उन्हें 3000 प्रतिमाह पेंशन मिलती थी, अब इसे बढ़ाकर 5500 प्रतिमाह कर दिया गया है. यह निर्णय शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है.

सीएम ने राज्य आंदोलनकारियों के त्याग को याद किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा. उन्होंने कहा कि राज्य का गठन जिन संघर्षों और बलिदानों की बदौलत संभव हुआ, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता. राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

पेंशन बढ़ाने को धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के प्रति सरकारी की कृतज्ञता बताया: मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है. सरकार भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी. इस निर्णय से हजारों आंदोलनकारियों और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा उन्हें यह संदेश जाएगा कि राज्य सरकार उनके योगदान को मान्यता देती है और उनके साथ खड़ी है.

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