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महाशिवरात्रि पर वर्षों बाद कई शुभ योग का संगम, टपकेश्वर जाने के लिए रूट प्लान

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हरिद्वार, 14 फरवरी। महाशिवरात्रि पर बहुत वर्षों बाद कई शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। इस दिन कुंभ राशि में बुधादित्य, शुक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण और चतुर्ग्रही योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, ध्रुव व व्यतिपात योग भी रहेंगे। यह दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के लिहाज से भी खास रहेगा।
नारायण ज्योतिष संस्थान के आचार्य विकास जोशी ने बताया कि भगवान शिव की त्रिगुणी सृष्टि है। इसमें तीन ही प्रकार से शिव की पूजा बताई गई है। इसमें सात्विक, राजसिक, तामसिक जो जिस भाव से शिव की पूजा करता है, उसे उसी प्रकार से शिव फल प्रदान करते हैं। गृहस्थ लोग सात्विक पूजन और राजसिक पूजा करते हैं। सात्विक पूजा में दूध दही, घी, शहद, बेल पत्र फूल मिठाई, फल और राजसिक में भांग धतूरा रुद्राक्ष कमल पुष्प से तामसिक पूजा करते हैं। अघोर साधना में भस्म की आरती, भस्म श्रृंगार से शिव को प्रसन्न किया जाता है। महा शिवरात्रि में सभी पूजन विशेष फल प्रदान करते हैं।
महाशिवरात्रि की यह पावन रात्रि सिर्फ व्रत और पूजन का अवसर नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शिव कृपा पाने का दुर्लभ संयोग है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी, रविवार को शाम 5 बजकर 4 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि 16 फरवरी, सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। चतुर्दशी तिथि रात में पड़ने के कारण 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि का व्रत और पूजन किया जाएगा।
महाशिवरात्रि की रात को चार भागों में बांटकर शिव पूजन का विशेष महत्व शास्त्रों में है।
प्रथम प्रहर – 15 फरवरी शाम 6:11 बजे से रात 9:22 बजे तक
द्वितीय प्रहर -15 फरवरी रात 9:23 बजे से 16 फरवरी रात 12:34 बजे तक
तृतीय प्रहर – 16 फरवरी रात 12:35 बजे से सुबह 3:46 बजे तक
चतुर्थ प्रहर – 16 फरवरी सुबह 3:46 बजे से सुबह 6:59 बजे तक
इसके अलावा निशीथ काल पूजा 16 फरवरी की रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक की जा सकती है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
ऐसा करने से धन संबंधी कष्टों से होगा छुटकारा
– महा शिवरात्रि पर 5 बिल्वपत्र पर राम लिख भगवान शिव को करे अर्पित धन संबंधी कष्टों से छुटकारा मिलेगा।
– 3 पत्तों पर केसर और चंदन से लिखे ॐ नमः शिवाय ऐसा करने से पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी ।
भगवान शिव का करे अभिषेक
दूध से – मन शांति के लिए
गन्ने के रस से – धन प्राप्ति के लिए
सरसों के तेल से – शत्रु नाश के लिए
गिलोय के रस से – आरोग्य के लिए
गंगा जल से – शिव भक्ति के लिए
देहरादून के टपकेश्वर में भीड़ को देखते हुए रूट प्लान
महाशिवरात्रि पर टपकेश्वर मंदिर में होने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात प्लान जारी किया है। इस दौरान कैंट से टपकेश्वर मंदिर की ओर वाहनों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बल्लुपूर चौक व कौलागढ़ से टपकेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निंबूवाला तिराहे से बायीं ओर ओएनजीसी हेलीपेड की पार्किंग पर भेजा जाएगा। जबकि सर्किट हाउस व सीएसडी तिराहे से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को पोस्ट आफिस तिराहे से निंबूवाला तिराहा होते हुए बायें ओएनजीसी हेलीपेड पार्किंग स्थल पर भेजा जाएगा। पार्किंग के फुल होने पर वाहनों को पोस्ट आफिस के पास हरवंश कपूर आडिटोरियम की पार्किग में भेजा जाएगा।
वीरपुर से टपकेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को कैंट चौक से निंबूवाला तिराहे होते हुए बायें ओएनजीसी हेलीपेड पार्किंग स्थल पर भेजा जाएगा। गढ़ी कैंट चौक पर यातायात का दबाव होने पर पोस्ट आफिस तिराहा से कैंट चौक की ओर आने वाले ट्रैफिक को बिंदाल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
साथ ही कौलागढ़ चौक से कैंट की ओर जाने वाले ट्रैफिक को आंशिक रूप से किशननगर चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा। टपकेश्वर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की बसों को महिंद्रा ग्राउंड में पार्क कराया जाएगा।
यहां रहेंगे बैरियर व डायवर्ट प्वाइंट
कैंट चौक
पोस्ट आफिस तिराहा
कौलागढ़ चौक
निंबूवाला कट निकट एफआरआइ गेट
वाटिका तिराहा
आप सभी को परिवार सहित महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं। भोलेनाथ सब पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।

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