
द्वारीखाल, 27 अप्रैल। राजकीय इंटर कॉलेज सिलोगी पौड़ी गढ़वाल के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय शताब्दी समारोह का समापन रविवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। समारोह के दूसरे दिन गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने अपनी टीम के साथ शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इससे पूर्व 25 अप्रैल को समारोह का शुभारंभ हुआ, जिसमें पूर्व छात्र, शिक्षक, कर्मचारी, क्षेत्रीय जनता एवं वर्तमान में कार्यरत स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान 1926 से 2026 तक की विद्यालय की गौरवपूर्ण यात्रा पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। साथ ही हास्य कलाकार संदीप छिलबट की प्रस्तुति और सांस्कृतिक टीम द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों ने समां बांध दिया।
दूसरे दिन गढ़गौरव नरेंद्र सिंह नेगी एवं उनकी टीम का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यालय परिवार, प्रधानाचार्य तथा नए-पुराने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना “तेरा मंदिर मा द्यू बल्यूं, मेरा भी मन उज्यालु दे” से हुई, जिसके बाद उनके लोकप्रिय गीतों की श्रृंखला ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
कोषाध्यक्ष सुभाष कुकरेती ने जताया आभार
राजकीय इंटर कॉलेज सिलोगी के शताब्दी समारोह के सफल आयोजन एवं समापन के बाद आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष सुभाष चंद्र कुकरेती ने समस्त सहयोगियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद रावत एवं उनकी पूरी स्कूल टीम का विशेष योगदान रहा। साथ ही पूर्व छात्र एवं वर्तमान में राजकीय इंटर कॉलेज चेलूसैण में कार्यरत प्रधानाचार्य वीरेन्द्र गिरी का भी उन्होंने विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायक अनिल बिष्ट के गीतों पर भी दर्शक जमकर झूमे। इस दौरान दर्शक नेगी की एक झलक पाने को उत्साहित नजर आए और प्रशंसकों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाए। शताब्दी समारोह के चलते सिलोगी बाजार में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली, जिससे पुरानी यादें ताजा हो गईं। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समारोह का सफल समापन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक गणेश खुगशाल ‘गणी’ द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य विनोद रावत, कार्यक्रम संयोजक मोहनलाल बिंजोला, सुभाष कुकरेती, राजीव थपलियाल, पूर्व छात्र विशेश्वर प्रसाद सिलस्वाल, रमेश चंद्र भट्ट, आलम सिंह नेगी, शिरोमणि कुकरेती सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



