
हरिद्वार, 8 अगस्त, 26. कांवड़ मेला चरम पर है और हरकी पैड़ी समेत सभी गंगा घाटों पर कांवड़ियों की भीड़ जमा है. इसी बीच शनिवार को नमामि गंगे घाट पर गंगा में नहाते समय दो कांवड़िये गहरे पानी में डूब गए और लापता हो गए. दोनों की पहचान 20 वर्षीय पंकज पुत्र शुक्रपाल सिंह निवासी मेठरा, मुरादाबाद और 22 वर्षीय आनंद कश्यप पुत्र नरेंद्र कश्यप निवासी पोड़री, बुलंदशहर के रूप में हुई है. हादसे के बाद जल पुलिस, पीएसी आपदा राहत और एसडीआरएफ की टीमों ने दोनों की तलाश शुरू कर दी. देर शाम तक दोनों का पता नहीं चल सका था. जबकि एक कांवड़िए को जल पुलिस के जवानों ने बचा लिया और दो कांवड़िए डूबकर लापता हो गए हैं.
नमामि गंगे घाट पर नहाते समय रेलिंग पार कर गहरे पानी में चले गये थे कांवड़िये
जानकारी के अनुसार, तीनों कांवड़िए नमामि गंगे घाट पर गंगा में स्नान कर रहे थे. इसी दौरान तीनों रेलिंग पार कर गंगा के गहरे हिस्से में पहुंच गए. पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण पंकज और आनंद कश्यप अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. घाट पर तैनात जल पुलिस के जवानों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और एक कांवड़िए को सकुशल बाहर निकाल लिया. हालांकि, पंकज और आनंद कश्यप तेज बहाव और गहरे पानी में लापता हो गए.
एक कांवड़िये को जलपुलिस ने बचाया, दो लापता
गौतम पुत्र मुंशीलाल निवासी दिल्ली को जल पुलिस के जवानों ने डूबने से बचा लिया. हादसे होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई. जल पुलिस के जवानों ने गंगा में सर्च अभियान चलाया. इसके बाद जल पुलिस, एसडीआरएफ और पीएसी आपदा राहत दल की टीम को भी तलाश में लगाया गया. गंगा में गोताखोरों और बोट की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है.
नमामि गंगे घाट पर तीन कांवड़िए गंगा में स्नान कर रहे थे. इनमें से एक को जल पुलिस के जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो कांवड़िए गहरे पानी में डूबकर लापता हो गए. दोनों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. घाटों पर तैनात पुलिस और जल पुलिस लगातार श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करने और गंगा की रेलिंग पार नहीं करने की अपील कर रही है.
शिशुपाल सिंह नेगी, सीओ सिटी, हरिद्वार
इसी जटवाड़ा पुल के पास पहले भी हुआ था हादसा
कांवड़ मेले के दौरान गंगा घाटों पर लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच स्नान के दौरान हादसों ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. इसके बावजूद कई कांवड़िए सुरक्षा बैरिकेडिंग और रेलिंग पार कर गहरे पानी में जाने से बाज नहीं आ रहे हैं. कांवड़ मेले के दौरान गंगा और गंगनहर में डूबने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में नहाते समय चंडीगढ़ से आए चार कांवड़िए डूब गए थे. सभी की उम्र करीब 16 से 18 वर्ष बताई गई थी. हादसे के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने काफी देर तक सर्च अभियान चलाया था और चारों के शव भी बरामद कर लिए थे. एक बार फिर से कांवड़ मेले में डूबने का बड़ा हादसा हो गया है.



