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दिल्ली-NCR में आज से बिना PUCC के नहीं मिलेगा ईंधन, पंपों पर स्कैन होगी नंबर प्लेट

नई दिल्ली, 30 सितंबर, 26. दिल्ली एसीआर NCR में सर्दियां में शुरू होने से पहले वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने संबंधित राज्य सरकारों और प्रवर्तन एजेसियों को सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. 1 अक्टूबर 2026 से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना वाहनों में ईंधन भरने पर रोक लगाई जाएगी. बैठक में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक, स्वच्छ परिवहन विकल्पों को बढ़ावा, और ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट्स पर नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई। इस बैठक में दिल्ली NCR में वायु प्रदूषण के लिए चलाए जा रहे उपायों, तैयारियों, प्रवर्तन और अनुपालन की समीक्षा की गई. आगामी सर्दी के मौसम को देखते हुए प्रदूषण के मुख्य सोर्स पर रहते कार्रवाई करने पर जो दिया गया है.

क्या है नया नियम, कैसे होगी जांच
दिल्ली समेत पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत आदि) में किसी भी वाहन को बिना बैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण PUC के पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जायेगी। पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे और मोबाइल ऐप/साफ्टवेयर की मदद से वाहन प्लेट स्कैन की जा रही है। यह सिस्टम सीधे वाहन पोर्टल से डेटा कनेक्ट कर जांच कर लेता है कि पीयूसी वैध है या नहीं। यूपी और एनसीआर के कई इलाकों में HSRP अनिवार्य है और बिना HSRP के नया PUCC भी जारी नहीं होगा।

भारी जुर्माना लगेगा
बिना बैध PUCC के सड़क पर वाहन चलाने पर यातायात नियमों के तहत 10 हजार का जुर्माना लग सकता है। सावधानी के लिए यदि वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र समाप्त हो गया या जल्द खत्म होने वाला है तो निकटतम अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र से तुरंत नया PUCC बनवा लें।

15 मई 2026 के निर्देश के तहत 1 अक्टूबर 2026 से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना वाहनों में ईंधन भरने पर रोक लगाई जाएगी. वहीं, मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा स्वच्छ परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने से संबंधित निर्देश को लागू करने को लेकर भी समीक्षा की गई. इस बैठक में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर भी चर्चा हुई. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान की पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई.

इस बैठक में 15 मई 2026 को जारी CAQM के निर्देश के तहत प्रदूषण के रोकथाम की तैयारियों पर चर्चा हुई. फसल विविधीकरण (Crop Diversification) फसल अवशेषों का इस्तेमाल करने के साथ ही किसानों के बीच जागरूकता और सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. आयोग का लक्ष्य पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह खत्म करना है. इस बैठक में गाड़ियों के जरिए होने वाले प्रदूषण के रोकथाम पर भी चर्चा की गई.

प्रदूषण को लेकर आयोग की तैयारी
NCR जिलों में डीजल ऑटो-रिक्शा को 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह चरणबद्ध तरीके से हटाने की दिशा में भी चर्चा हुई. बैठक में पेट्रोल और सीएनजी स्टेशनों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली लगाने की तैयारियों का भी जायजा लिया गया.

सर्दियों के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद और उनकी तैनाती पर भी खास ध्यान दिया गया. खास तौर पर ऐसी जगहें जहां धूल ज्यादा होती हैं, उन्हें हॉटस्पॉट बनाने और मशीनों की तैनाती को भी चर्चा की गई. इसके साथ ही, सोशल मीडिया और CPCB के जरिए मिली शिकायतों के निपटारे पर भी चर्चा हुई.

बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों को आयोग के वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया. खासकर सर्दियों के मौसम के दौरान प्रदूषण, पराली जलाने, सड़क निर्माण, ट्रैफिक आदि के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर बैठक में जोर दिया गया.

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