आज रात चांद आधा चमकेगा, खगोल प्रेमियों के लिए अनूठा और आकर्षक रहेगा नजारा

देहरादून, 17 अक्टूबर, 26. आज (रविवार की रात) खगोल विज्ञान प्रेमियों और आम लोगों के लिए आसमान में एक अनूठा और आकर्षक नजारा देखने को मिलने वाला है। 18 अक्तूबर को सौरमंडल के कई प्रमुख ग्रह और चंद्रमा एक साथ अलग-अलग रूपों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे जिससे यह रात खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास होने वाली है। खगोल प्रेमी इसके इंतजार में हैं।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दिन चंद्रमा अपनी मासिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच जाएगा। शाम के समय आसमान में फर्स्ट क्वार्टर मून (चतुर्थांश चंद्र) दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा का आधा हिस्सा सूर्य की रोशनी से जगमगाता नजर आएगा। यदि मौसम साफ रहा तो सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में धनु राशि के तारों के बीच इस खूबसूरत नजारे को बिना किसी उपकरण के देखा जा सकेगा। जब आसमान में चांद “आधा” या अर्ध-प्रकाशित (Half Moon) नजर आता है, तो खगोल विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को चंद्रमा की कला (Lunar Phase) कहा जाता है, जिसे ‘फर्स्ट क्वार्टर’ (First Quarter) या ‘थर्ड क्वार्टर’ (Third Quarter) के रूप में जाना जाता है:
रात आगे बढ़ने पर सौरमंडल का सबसे खूबसूरत ग्रह शनि अपनी पूरी भव्यता के साथ आसमान में चमकेगा। हाल ही में हुए अपने अपोजिशन के बाद शनि इन दिनों पृथ्वी के काफी करीब है और एक सुनहरे तारे की तरह चमक रहा है। एक छोटी दूरबीन की मदद से इसके प्रसिद्ध छल्लों को भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसी समय पूर्वी आसमान में कृतिका नक्षत्र के ठीक पास बर्फीला गैस दानव यूरेनस ग्रह भी मौजूद रहेगा जिसे देखने के लिए दूरबीन की आवश्यकता होगी।
सुबह के समय तीन ग्रहों की जुगलबंदी
इस अद्भुत खगोलीय सिलसिले का अंत अगले दिन की सुबह सूर्योदय से ठीक पहले होगा। तड़के उठने वाले लोगों को पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षितिज पर मंगल, बृहस्पति और सिंह राशि के सबसे चमकदार तारे रेगुलस की एक शानदार युति (जुगलबंदी) देखने को मिलेगी। एरीज के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने लोगों से प्रदूषण मुक्त और अंधेरे वाले स्थानों से स्काईगेजिंग करने की अपील की है ताकि इस दुर्लभ आकाशीय सुंदरता का पूरा आनंद लिया जा सके।



