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अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटी

देहरादून, 26 अक्टूबर, 26. उत्तराखंड के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता खुल गया है. इससे राज्यभर में ऐसे विद्यालय जहां शिक्षकों की कमी है, वहां पठन पाठन के कार्य को तेज गति मिलेगी. इसमें विद्यालय प्रबंधन समितियां निर्धारित नियमों के तहत भर्ती कर सकेंगी. नियुक्तियां छात्र संख्या और स्वीकृत रिक्त पदों के आधार पर होंगी.

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता खुल गया है. राज्य सरकार ने लंबे समय से इन विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटा दी है. सरकार के इस फैसले से अशासकीय विद्यालयों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी, विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अब छात्र संख्या के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी.

प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक और शिक्षणेत्तर संवर्ग के रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी गई है. अब विद्यालयों की प्रबंधन समितियां निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी.
-धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री

लंबे समय से खाली पदों को भरने का रास्ता खुला: अशासकीय विद्यालयों में भर्ती पर रोक के चलते लंबे समय से रिक्त पदों को भरने में परेशानी आ रही थी. शिक्षा मंत्री के मुताबिक, कुछ विद्यालयों की प्रबंधन समितियां शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट का रुख कर रही थीं, जबकि अन्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के बीच काम चलाया जा रहा था. इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खोलने का निर्णय लिया है.

स्वीकृत पदों पर ही होगी भर्ती: सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में केवल उन्हीं स्वीकृत रिक्त पदों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें सक्षम स्तर से पुनर्जीवित या बहाल किया गया है. नियुक्तियों में विद्यालयों की वास्तविक जरूरत और छात्र संख्या को प्राथमिकता दी जाएगी. इसका उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करना है.

शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में शासनादेशों और निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए. नियुक्तियां पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएंगी, ताकि भविष्य में प्रशासनिक अड़चनें पैदा न हों.

चुनाव से पहले सरकार के इस फैसले से अशासकीय विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की उम्मीद जगी है. हालांकि भर्ती का वास्तविक दायरा स्वीकृत और बहाल किए गए पदों तथा विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर तय होगा.

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