
पौड़ी, 5 नवम्बर, 26. खिर्सू ब्लॉक के तरुली गांव में महिला पर जानलेवा हमला करने वाला गुलदार आखिरकार वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया है. गुरुवार सुबह गुलदार के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित नागदेव रेंज पौड़ी ले आई. फिलहाल वन विभाग की ओर से गुलदार के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है.
घटना के मुताबिक, 9 अक्टूबर को तरुली गांव में गुलदार ने 48 वर्षीय महिला को निवाला बना दिया था. इस घटना के बाद से तरुली समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ था. ग्रामीणों में गुलदार की लगातार सक्रियता को लेकर भय बना हुआ था और लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और उसे मारने की मांग की थी.
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने संबंधित गुलदार को नरभक्षी घोषित करने के बाद उसे अंतिम विकल्प के रूप में शूट करने के आदेश जारी किए थे. इसके साथ ही क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की ओर से पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए गए थे.
वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर गुलदार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी. इसी बीच गुरुवार सुबह वन विभाग को सूचना मिली कि तरुली गांव में लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद हो गया है, जिसकी उम्र करीब 8 वर्ष है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुलदार को रेस्क्यू कर नागदेव रेंज पौड़ी ले आई.
9 अक्टूबर को तरुली गांव में गुलदार के हमले में महिला की मौत के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में मुस्तैदी से काम कर रही थी. गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए गए थे. गुरुवार सुबह गुलदार पिंजरे में कैद हो गया, जिसके बाद टीम ने उसका रेस्क्यू कर नागदेव रेंज पौड़ी पहुंचाया है. यहां गुलदार के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है. गुलदार के पिंजरे में कैद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. हालांकि, वन विभाग की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
–महातिम यादव, डीएफओ
बता दें कि 3 नवंबर को भी पौड़ी के खांड्यूसैंण के पास गुलदार ने 4 साल की मासूम को निवाला बना दिया था. क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है. वन विभाग ने क्षेत्र में ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगा रखा है



