फटी जींस पर गरमाई सियासत, तीरथ फिर बोले फटे कपड़े अशुभ

कोटद्वार। फटी जींस पर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। तीरथ सिंह रावत ने फिर दोहराया कि फटे कपड़े उत्तराखंड संस्कृति में अशुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि मैंने भी छात्र जीवन में जींस पहनी, मगर फटने पर रफू करवाने के बाद उसे दोबारा पहना।
तीरथ सिंह रावत ने कहा कि फटे कपड़े पहनना अशुभ है और यह बात हमारी युवा पीढ़ी को अवश्य समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी जींस का विरोध नहीं किया, उनका विरोध सिर्फ फटे कपड़ों को लेकर है। उनका कहना था कि पाश्चात्य संस्कृति के लोग तो भारतीय संस्कृति का अनुसरण कर रहे हैं, जबकि हम स्वयं अपनी संस्कृति को छोड़ रहे हैं।
मेरू मुल्क संस्था व उनिता धस्माना की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम की सांसद तीरथ सिंह रावत व लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने दीप जलाकर शुरुआत की। उन्होंने कहा कि राजेंद्र धस्माना ने इस क्षेत्र को देश में पहचान दिलाई। ऐसे महान विभूतियों को हमें हमेशा याद रखना होगा। उन्होंने राजेंद्र धस्माना के पैतृक गांव बग्यली में लोककला संस्कृति सभागार खोलने, पाटीसैंण-बग्यली मार्क का नाम राजेंद्र धस्माना के नाम पर रखने की मांग की।
इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, गिरीश सुंद्रियाल, अनिल स्वामी, बृजमोहन शर्मा, आशीष सुंद्रियाल, पीसी तिवारी, शैलेंद्र मैठाणी, कवींद्र इष्टवाल, अनसूया प्रसाद घायल सहित कई अन्य मौजूद रहे।
तीरथ की मानसिकता संकीर्ण : गरिमा
तीरथ सिंह रावत के इस बयान पर कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया आई है। गढ़वाल मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा के लोगों की मानसिकता संकीर्ण हो गयी है। सांसद, पूर्व सीएम को अपने पद की गरिमा का ध्यान होना चाहिए। पहले भी वो इस तरह की बयानबाजी कर चुके हैं। एक तरफ भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व विश्वप्रसिद्ध देशों से प्रतिस्पर्द्धा की बात करता है तो दूसरी ओर उनका प्रतिनिधि फटी जींस में ही अटका हुआ है।