उत्तराखंडदेश-विदेशबड़ी खबरमनोरंजनयूथ कार्नर

पौड़ी जिले के लैंसडाउन के बंदखणी की रहने वाली डांसर प्रियंका खंतवाल का टॉलीवुड फिल्म में डेब्यू

कोटद्वार, 31 मार्च। पहाड़ों की पंगडंडियों से निकली एक साधारण सी युवती आज टॉलीवुड तक का सफर कर गई हैं. यह युवती कोई नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मिट्टी से निकली एक चमकती हुई सितारा प्रियंका खंतवाल है. जो अपनी काबिलियत के बल पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री खासकर कन्नड़ सिनेमा यानी टॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री मार चुकी हैं.

प्रियंका खंतवाल का बड़े पर्दे पर डेब्यू

प्रियंका खंतवाल एक डांसर और अभिनेत्री हैं, जो डांसिंग रियलिटी शो ‘जोड़ी सीजन 11’, ‘डांस इंडिया डांस’ चैंपियन डबल डोज और ‘डांस प्लस 5’ जैसी मशहूर प्रतियोगिताओं में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा चुकीं हैं. डांस की दुनिया में आग लगाने वाली प्रयंका अब बड़े पर्दे पर अपनी पहली फिल्म ‘वाइल्ड टाइगर सफारी’ के साथ डेब्यू कर रही है.

धूम मचा रहा ‘ट्रेंडिंग’ सॉन्ग

उनका डेब्यू सॉन्ग ‘Trendingg’ इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है. हिंदी और कन्नड़ फिल्म वाइल्ड टाइगर सफारी के गाने में प्रियंका मुख्य भूमिका में नजर आई हैं, इस गाने को लोग खूब पसंद कर रहे है. यह गाना न सिर्फ दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर रहा है, बल्कि प्रियंका की उत्तराखंडी जड़ों को भी गर्व से चमका रहा है.

पौड़ी के बंदखणी गांव की रहने वाली है प्रयंका खंतवाल
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन तहसील के बंदखणी गांवकी रहने वाली प्रियंका का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. प्रियंका का परिवार गांव में ही बसता है, जहां पिता किशोरी लाल खंतवाल भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड अधिकारी हैं.

एयरफोर्स से रिटायर्ड अधिकारी हैं प्रियंका के पिता
एयरफोर्स से सेवानिवृत्ति के बाद वे गांव के वन निगम के सरपंच के रूप में सक्रिय हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास के लिए समर्पित हैं. वहीं, मां कलावती खंतवाल पड़ैर ग्रामसभा की सरपंच हैं, जो ग्रामीण स्तर पर महिला सशक्तिकरण और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं.

आसान नहीं था डांसिंग और टॉलीवुड तक जाने का सफर
प्रियंका का डांसिंग का सफर बचपन से ही शुरू हो गया था, लेकिन उत्तराखंड से टॉलीवुड तक जाने का सफर आसान नहीं था. क्योंकि, वो शुरुआती दौर में घर से छुपा कर डांस सीख रही थी, लेकिन जब उनके घर वालों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने इन्हें इंजीनियर और डॉक्टर बनने की सलाह दी.

Related Articles

Back to top button