
हरिद्वार। जिस्मफरोशी के धंधे में धकेली गयी बंगाल की तीन लड़कियों को पुलिस ने कालोनी में छापा मारकर दलालों के चंगुल से छुड़ाया है। गरीबी और बेरोजगारी के कारण युवतियों को इस गंदे काम में धकेल दिया गया था। पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
ज्वालापुर की पाश सोसाइटी जूर्स कंट्री के एक फ्लैट में पुलिस ने छापा मारकर सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। गिरफ्तार ग्राहकों में खनन कारोबारी, व्यापारी और छात्र भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि देहरादून-दिल्ली हाईवे स्थित हाउसिंग सोसाइटी जूर्स कंट्री के फ्लैट में पिछले कई दिनों से अवैध गतिविधियां होने की जानकारी मिल रही थी। पुलिस ने कालोनी के फ्लैट नंबर 515 पर छापा मारकर बंगाल की तीन लड़कियों को आजाद कराया। जबकि मौके पर दो दलाल और तीन ग्राहकों को गिरफ्तार किया।
दलालों ने अपने नाम शुभांकर दत्त निवासी ओल्ड जनकपुरी उत्तम नगर नई दिल्ली, अरुण कुमार निवासी श्यामनगर नोथा पाडा बंगाल बताया। जबकि ग्राहकों के नाम अनुज कुमार निवासी फतवा लक्सर हरिद्वार, योगेश निवासी नसीरपुरकलां बादशाहपुर पथरी और अभिषेक निवासी साहपुर टांडा मजादा लक्सर के रूप में सामने आए हैं। अभिषेक खनन कारोबारी है, उसके अपने डंपर भी हैं, जबकि योगेश की हरकीपैड़ी के पास दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग में चूड़ी-माला की दुकान है, तो वहीं अनुज ज्वालापुर के एक इंस्टीट्यूट का छात्र है।
कई और चेहरों की होगी पहचान
पीड़िताओं ने पूछताछ में बताया कि गरीबी के कारण उन्हें इस दलदल में धकेल दिया गया। दोनों दलाल उन्हें होटल, गेस्ट हाउस और आलीशान कोठियों में लेकर जाते थे। पुलिस ने दलालों के मोबाइल कब्जे में ले लिये हैं। काल डिटेल के आधार पर जिस्मफरोशी के दलालों के संपर्क में रहने वाले कई बड़े चेहरों से भी शराफत का नकाब उतरेगा।
गेट पर बिना रोक-टोक हो रहा था प्रवेश
जूर्स कंट्री हरिद्वार की चुनिंदा कालोनियों में से एक है। सोसाइटी में इस तरह के कारोबार की जानकारी होते ही सोसाइटी में रहने वाले परिवार अपने आपको असहज महसूस कर रहे हैं। तीनों लड़कियों की गेट के रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं है। इस मामले में गेट के सिक्योरिटी गार्ड की लापरवाही भी सामने आ रही है। रैकेड का भंडाफोड़ करने वाली टीम में महिला उपनिरीक्षक संदीपा भंडारी, कांस्टेबल रोहित, वीरेंद्र, विनोद और संदीप शामिल रहे। https://sarthakpahal.com/