
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के नान कन्यालीकोट की बैसानी ग्राम पंचायत में ततैयों का काफी समय से आतंक बना हुआ है। शुक्रवार को गांव में आंगन में खेल रहे भूपेश राम के बच्चे पांच वर्षीय प्रियांशु और तीन साल के सागर को काट दिया। एक भाई की मौत हो गयी है, जबकि दूसे की हालत गंभीर बनी हुई है।
ततैया बहुत ही जहरीली चीटी होती है। इसके काटने का यदि तत्काल इलाज नहीं मिला, तो बचना मुश्किल होता है। भूपेश राम के बच्चों को अचानक ततैया के झुंड ने घेर लिया। वह उन्हें डंक मारने लगे। भाइयों ने बचाव में भागने की कोशिश की। लेकिन बच्चे अपने आपको उनसे बचा नहीं सके। ये बुलेट चींटी जिन्हें रेड फायर भी कह सकते हैं, बड़ी खतरनाक होती हैं। ये यदि किसी के पीछे पड़ गयीं तो जान बचाना मुश्किल होता है।
सड़क और अस्पताल दूर होने से मौत
डाक्टरों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर इलाज मिल जाता तो बच्चे को बचाया जा सकता था। परिजनों ने बड़ी मुश्किल से कंबल आदि डालकर बच्चों को ततैयों के झुंड से अलग किया। गंभीर हालत में उन्हें बड़ी परेशानी से अस्पताल तक पहुंचाया गया। जहां तीन साल के सागर की रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि पांच साल का प्रियांशु को आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
शोक में डूबा पूरा गांव
लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन व्यवस्थाओं पर सवाल उठाये हैं। उनका कहना था कि यदि गांव में सड़क की सुविधा होती तो समय पर बच्चों को अस्पताल पहुंचाकर बचाया जा सकता था। लोगों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। डा. हरीश पोखरिया का कहना है कि अब तक जिले में ततैयों के काटने का यह पहला मामला है। https://sarthakpahal.com/