
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के द्वारा कांग्रेस के विधायक मदन बिष्ट का पुतला दहन किया गया। विदित हो कि कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने मुख्यमंत्री धामी के खिलाफ कुछ आपत्तिजनिक टिप्पणी की थी, जिससे भाजपाई खासे नाराज हैं।
देहरादून में महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने मदन बिष्ट की टिप्पणी की घोर निंदा करते हुए कहा कि ऐसे विधायक को जिन्होंने अपनी गरिमामई पद को धूमिल किया है, उनको अपने पद पर रहना का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही जिस प्रकार कांग्रेस के विधायक द्वारा सरकारी कर्मचारी को उसके घर पर जाकर धमकाने की कोशिश की गयी उसके लिए उस पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। https://sarthakpahal.com/
दरअसल, बीती शनिवार रात बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक केकेएस मेर के आवास पर विधायक मदन बिष्ट ने हंगामा किया था, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में विधायक बिष्ट अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वहीं, संस्थान के निदेशक केकेएस मेर ने रविवार को मदन बिष्ट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
कार्यक्रम में महानगर महामंत्री सुरेंद्र राणा, महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना बागड़ी, युवा मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र बिष्ट, महानगर मंत्री युवा मोर्चा प्रभारी संकेत नौटियाल, तरुण जैन, आशीष शर्मा, राजेश बडोनी, रंजीत सेमवाल, अक्षत जैन, सूरज, विपिन खंडूरी, प्रीतम शाह, वैशाली बंसल, तरुण चमोली, शशांक गोसाई, सचिन, नितिन मिश्रा, चंद्र सागर उनियाल, प्रियांशु थापा, आकाश सिंह, रिशु चौरसिया, सुषमा कुकरेती आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कोटद्वार में मदन बिष्ट के खिलाफ नारेबाजी
कोटद्वार में बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट का पुतला फूंका। बीजेपी युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष शांतनु रावत ने बताया कि कांग्रेस पार्टी की नीयत और जुबान खराब है। 2014 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा प्रत्याशी बनाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अभद्र टिप्पणी की थी। यह कांग्रेस की नीयत को दिखाता है।
विधायक मदन बिष्ट दी सफाई
मामला तूल पकड़ता देख विधायक मदन बिष्ट ने अपनी सफाई में कहा था कि वो इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक के घर गए थे। जहां उन्होंने उनसे दरवाजा खोलने की बात कही थी, लेकिन जवाब में निदेशक ने उन्हें ‘Get Lost From Here’ कहकर भगा दिया। विधायक बिष्ट ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि वो इंजीनियरिंग कॉलेज में काम करने वाले मेस कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और दैनिक वेतन भोगियों के संबंध में कुछ सवालों को लेकर गए थे, लेकिन निदेशक ने उन्हें मौके से जाने को कह दिया। इससे पहले निदेशक बार-बार उनके कॉल को नजरअंदाज कर रहे थे। ऐसे में उनको वहां जाना पड़ा।