राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन, बाबरी विध्वंस मामले में थे आरोपी

अयोध्या, 15 दिसम्बर। राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार पूर्व सांसद डॉक्टर राम विलास दास वेदांती का सोमवार को निधन हो गया है. मध्य प्रदेश रीवा में इलाज के दौरान 67 वर्षीय डॉ. रामविलास दास वेदांती ने अंतिम सांस ली. रीवा में प्रवास के दौरान रविवार को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वेदांती के निधन से अयोध्या में शोक लहर है. मध्य प्रदेश से पार्थिव शरीर लेकर उनके उत्तराधिकारी थोड़ी देर में अयोध्या आएंगे. अयोध्या में पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती के निधन पर शोक जताया है.
राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का जीवन संघर्ष से भरा रहा और अपने पूरे जीवन सनातन के लिए लग रहे. राम जन्मभूमि में राम मंदिर का जो स्वरूप आज नजर आ रहा है, उसमें डॉक्टर रामविलास वेदांती का बड़ा योगदान रहा है. उनका जाना सनातन आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है. भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश का मानना है कि आने वाले समय में सनातन से जुड़े जो भी आंदोलन है, उनमें रामविलास वेदांती के जीवन से प्रेरणा मिलती रहेगी.
7 अक्टूबर 1958 को जन्मे डॉ. रामविलास वेदांती शुरू से ही हिंदू धार्मिक नेता के रूप में सक्रिय रहे. वे विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़े और राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के अग्रणी योद्धाओं में शुमार हुए. 1980 के दशक से राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने देशव्यापी अभियान चलाया. वेदांती राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य थे और अयोध्या में राम वैदेही मंदिर धर्मशाला से जुड़े रहे.



