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31 महीने की मेहनत के बाद 76 अग्निवीर रिक्रूट शपथ ग्रहण के बाद बने सेना का अभिन्न अंग

लैंसडौन, 4 जून। कदम कदम बढ़ाएं जा, खुशी के गीत गाए जा…, राष्ट्र भक्ति का यह गीत गुनगुनाते हुए गढ़वाल राइफल्स के कोर्स 05 के 76 अग्निवीर रिक्रूट अपने अंतिम पग भरने के साथ ही सेना की प्रतिष्ठित पैदल सेना गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में शामिल हो गये।

कमांडेंट विनोद नेगी ने अग्निवीर रिक्रूटों की परेड का किया निरीक्षण
बुधवार को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर (जीआरआरसी) के नायक भवानी दत्त जोशी अशोक चक्र परेड ग्राउंड में अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। बतौर मुख्य अतिथि गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने अग्निवीर रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में ब्रिगेडियर नेगी ने कहा कि अग्निवीरों व उनके परिजनों के लिए यह गर्व का क्षण है। वे सेना का अभिन्न अंग बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेना व रेजिमेंट की परंपरा उच्च कोटि की रही है। उन्होंने नवनियुक्त सैनिकों से अपेक्षा की कि वे ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा से रेजिमेंट की इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

31 महीने की मेहनत के बाद राइफलमैन का दर्जा मिला
इस मौके पर अग्निवीरों ने राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष देश की रक्षा व तिरंगे के सम्मान के लिए जान की बाजी लगाने व धार्मिक गुरु के समक्ष धर्म ग्रंथ पर अपना हाथ रखकर हर कीमत पर देश की रक्षा करने की शपथ ली। 31 माह के कठिन परिश्रम उपरांत सेना में शामिल होने वाले 76 अग्निवीर रिक्रूटों को राइफलमैन का दर्जा हासिल हुआ।

राइफलमैन का दर्जा मिलने पर 76 अग्निवीरों ने सैन्य तौर तरीकों से अपने दाहिने कंधे पर शौर्य व साहस का प्रतीक लाल रंग की डोरी धारण की। परेड का नेतृत्व सचिन व उनकी दो टुकड़ियों का नेतृत्व प्रियांशु व आशीष कर रहे थे।

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