
देहरादून, 19 दिसम्बर। उत्तराखंड सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा. उत्तराखंड सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा और अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा. इस निर्णय का उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें.
विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए लगातार ठोस कदम उठा रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया गया है, जिसके तहत अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को समान और समावेशी शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा.
‘छात्रों को मिलेगी आधुनिक तकनीकी विषयों की जानकारी’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू होने से छात्रों को विज्ञान, गणित, भाषा, सामाजिक विज्ञान और आधुनिक तकनीकी विषयों की बेहतर जानकारी मिलेगी. इससे वे न केवल उच्च शिक्षा के लिए पात्र बनेंगे, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है.



