उत्तराखंडदेश-विदेशपर्यटनमनोरंजनयूथ कार्नर

नीलकंठ महादेव में जलाभिषेक करने लाखों शिवभक्त पहुंचे, यमकेश्वर महादेेव में भी जुटी भीड़

ऋषिकेश, 8 मार्च। नीलकंठ धाम में जलाभिषेक करने के लिए लाखों शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। अनुमान के मुताबिक करीब सात लाख से अधिक ने जलाभिषेक किया। नीलकंठ पैदल मार्ग बम भोले के नारों से गूंजता रहा। लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मार्ग पर अधिक भीड़ होने के कारण दिनभर वाहन रेंगते रहे। नेपाली फार्म से लेकर तपोवन तक भी यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई, हालांकि भीड़ को नियंत्रण करने के लिए हर जगह पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे।

रात 12 बजे से मंदिर में जलाभिषेक शुरू हो गया था
शुक्रवार को राजाजी टाइगर रिजर्व अंतर्गत गौहरी रेंज में नीलकंठ पैदल मार्ग पर सुबह से ही शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही। बाघखाला से लेकर नीलकंठ मंदिर तक जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का हुजूम उमड़ा। इस दौरान करीब सात लाख श्रद्धालुओं ने नीलकंठ धाम में जलाभिषेक किया। मंदिर के पुजारी शिवानंद गिरी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात 12 बजे से मंदिर में जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ। जो शुक्रवार दिनभर चला। शाम करीब 7:30 बजे भगवान शिव का श्रृंगार के लिए मंदिर के कपाट बंद किए गए। उसके बाद रात करीब 8 बजे से जलाभिषेक का सिलसिला फिर शुरू हुआ। बीते बृहस्पतिवार से अब तक मंदिर में करीब सात लाख शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया है।

यमकेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक
शिवभक्त लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम के गंगा घाट और तटों पर स्नान के बाद गंगाजली भरकर शिवालय की ओर रवाना हुए। सुबह से देर शाम तक नीलकंठ पैदल मार्ग शिवमय रहा। शिवालय और नीलकंठ पैदल मार्ग पर भी शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। सीसीटीवी कैमरे की मदद से मंदिर परिसर और आसपास क्षेत्र में शिवभक्तों की सुरक्षा पर निगरानी रही। उधर यमकेश्वर महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का हुजूम उमड़ा। मंदिर परिसर और आसपास क्षेत्र में लगे मेले का ग्रामीणों ने खूब मजा लिया।

पुलिस प्रशासन का यातायात प्लान फेल
लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम रहा। पीपलकोटी से लेकर नीलकंठ पार्किंग तक करीब पांच किमी की दूरी पर वाहन दिनभर रेंगते रहे। जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन का यातायात प्लान फेल हो गया। शिवभक्तों के वाहन दिनभर जाम में फंसे रहे। https://sarthakpahal.com/

Related Articles

Back to top button