समूह ग के पेपर लीक करने को लिए थे 60 लाख रुपये, छह लोग गिरफ्तार

देहरादून। समूह ग के लिए यूकेएसएससी ने दिसम्बर 2021 में 916 पदों के लिए स्नातक स्तरीय परीक्षाएं कराई थीं, इसमें लगभग दो लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। पेपर लीक करने के मामले में एसटीएफ ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें से निष्कासित पीआरडी कर्मचारी और कोचिंग सेंटर का डायरेक्टर भी शामिल है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने छह लोगों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। पेपर आउट करने के बदले इन्हें 60 लाख रुपये मिले थे। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 37.10 लाख रुपये बरामद किए हैं। लगभग दो लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वले इस मामले में सीएम धामी के निर्देश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके लिए डीजीपी ने एसटीएफ को विवेचना सौंपते हुए एसआईटी का गठन किया था।
आयोग का पूर्व कर्मचारी शामिल
डीआईजी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि पहला आरोपी मनोज जोशी पुत्र बालकिशन जोशी, ग्राम मयोली अल्मोड़ा 2014-15- 2018 तक रायपुर में पीआरडी में तैनात था। दूसरा जयजीत दास पुत्र विमल दास पंडितवाड़ी आउटसोर्स कंपनी में कंप्यूटर प्रोग्रामर था, जो 2015 से कार्य कर रहा था। इसके अलावा मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी, ग्राम पाटी चम्पावत, कुलवीर सिंह चौहान, चांदपुर, बिजनौर, शूरवीर सिंह चौहान निवासी कालसी, देहरादून और गौरव नेगी, किच्छा, ऊधमसिंहनगर शामिल थे। शूरवीर सिंह चौहान डालनवाला स्थित कोचिंग सेंटर का डायरेक्टर है।
916 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
बीते साल 916 पदों के लिए परीक्षा हुई थी। सहायक समाज कल्याण अधिकारी, छात्रावास अधीक्षक, राज्य निर्वाचन आयोग के सहायक समीक्षा अधिकारी, राजस्व विभाग में सहायक चकबंदी अधिकारी, सूचना विभाग में संवीक्षक सहित अन्य पदों पर भर्ती को परीक्षा आयोजित हुई थी। पुलिस को परीक्षा प्रश्नों से जुड़े कुछ स्क्रीन शाट्स, मैसेज मिले थे, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया था।
आयोग की और परीक्षाएं भी संदेह के घेरे में
धांधली का खुलासा होने के बाद अब अन्य परीक्षाएं भी संदेह के घेरे में आ गई हैं। जो गिरोह पकड़ा गया है, उसके सभी सदस्य 2015 से मिलते रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि गिरोह ने अन्य परीक्षाओं में भी गड़बड़ी तो नहीं की है। एसएसपी एसटीएफ का कहना है कि आभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन आरोपियों से पूछताछ जारी है।