
कोटद्वार, 2 अप्रैल। पौड़ी जनपद में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत लिव इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए पहला आवेदन हुआ है। यह आवेदन कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र से किया गया है। जबकि जनपद में विवाह पंजीकरण के करीब 5500 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो गए हैं। वहीं करीब 340 के आवेदन दस्तावेज पूरे नहीं होने के चलते रिजेक्ट भी हुए हैं।
प्रदेश में बीते 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता लागू होने के करीब दो महीने बाद पौड़ी जनपद में करीब 5500 लोगों ने विभिन्न मामलों में पंजीकरण के लिए आवेदन किए हैं। जिनमें विवाह, विवाह विच्छेद, पंजीकृत विवाह की स्वीकृति, वसीयत का पंजीकरण व लिन इन रिलेशनशिप में पंजीकरण शामिल है।
जिला प्रशासन की मानें तो जनपद में सर्वाधिक पंजीकरण नए विवाह पंजीकरण के शामिल हैं। जिसमें करीब 4268 लोगों ने विवाह पंजीकरण करवाया है। इसमें 237 के आवेदन दस्तावेजों के अपूर्ण होने पर लंबित रखे गए हैं। जबकि पंजीकृत विवाह की स्वीकृति के लिए 1118, विवाह विच्छेद में छह, वसीयत पंजीकरण में 11 ने पंजीकरण करवाया है।
लिव इन रिलेशनशिप पर क्या है नियम
यूसीसी लागू होने से पहले से स्थापित लिव इन रिलेशनशिप को यूसीसी लागू होने की तिथि से लेकर एक महीने के भीतर इसका पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। जबकि यूसीसी लागू होने के बाद स्थापित लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, लिवइन रिलेशनशिप में प्रवेश की तिथि से एक महीने के भीतर कराना होगा।
लिव इन समाप्ति के लिए ऑन या ऑफलाइन कर सकते हैं आवेदन
लिव इन रिलेशनशिप समाप्त करने के लिए एक या दोनों साथी ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से आवेदन कर सकते हैं। इस मामले में यदि एक ही साथी आवेदन करता है तो रजिस्ट्रार दूसरे की पुष्टि के आधार पर ही इसे स्वीकार करेगा। इतना ही नहीं लिव इन रिलेशनशिप के दौरान महिला गर्भवती हो जाती है तो रजिस्ट्रार को अनिवार्य रूप से इसकी सूचना भी देनी होगी। साथ ही बच्चे के जन्म के 30 दिन के भीतर इसे अपडेट करना होगा। यूसीसी के नियम के तहत लिव इन रिलेशनशिप के प्रमाण पत्र/अनंतिम प्रमाण पत्र के उल्लंघन के लिए मकान मालिक को 20,000 का जुर्माना भुगतना होगा।
जिले में यूसीसी पंजीकरण तेजी से हुए हैं। जिसमें पूरे राज्य के सापेक्ष पौड़ी जिले की स्थिति टाॅप तीन जनपदों में होने की संभावना है। सभी लोगों से यूसीसी में पंजीकरण करवाने को कहा गया है।
डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी पौड़ी