
हैदराबाद, 12 दिसम्बर। स्टार भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक 2024 में हुए विवाद के बाद खेल से रिटायर होने का अपना फैसला बदल दिया है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनका लक्ष्य 2028 में ओलंपिक के लिए मैट पर वापसी करना होगा.
विनेश ने शुक्रवार को एक एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘मैंने अपनी यात्रा के उतार-चढ़ाव, दिल टूटने, बलिदानों, मेरे उन रूपों को समझने के लिए समय लिया जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा. कहीं न कहीं उस आत्म-मंथन में, मुझे सच्चाई मिली, मुझे अभी भी यह खेल पसंद है. मैं अभी भी मुकाबला करना चाहती हूं’.
उन्होंने आगे कहा, ‘इस बार मैं अकेली नहीं चल रही हूं, मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है, मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, लॉस एंजिल्स ओलंपिक की इस राह पर मेरा छोटा चीयरलीडर. तो मैं यहां हूं, एक निडर दिल और एक ऐसी भावना के साथ जो झुकने से इनकार करती है. एंजिल्स 2028 की ओर कदम बढ़ा रही हूं’.
विनेश, जो ओलंपिक में अयोग्य घोषित होने के बाद रिटायरमेंट की घोषणा के ठीक एक दिन बाद राजनीति में शामिल हो गई थीं, उन्होंने कहा कि वह अपने कुश्ती करियर पर ध्यान देना चाहती हैं’.
विनेश ने पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा था. वह ओलंपिक स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं. उनके शानदार प्रदर्शन में जापान की चार बार की विश्व चैंपियन यूई सुसाकी पर एक ऐतिहासिक जीत शामिल थी, जिसने उन्हें स्वर्ण पदक मैच के लिए तैयार किया और देश के लिए एक रजत पदक पक्का किया. हालांकि, फाइनल से ठीक पहले विनेश का सुबह के वेट-इन के दौरान जरूरी मानदंड से 100 ग्राम ज्यादा वजन पाया गया और नतीजतन उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया.
विनेश ने इस फैसले के खिलाफ अपील की यह कहते हुए कि कम से कम वह रजत पदक की हकदार थीं क्योंकि उन्होंने पहले दिन तीन मुकाबले जीते थे. हालांकि, कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिससे उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के बावजूद उन्हें कोई पदक नहीं मिला. विनेश ने जल्द ही करियर बदला, कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं, और जींद के जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा विधानसभा चुनाव जीता, जिसमें उन्होंने भाजपा के योगेश बजरंगी को हराया. वह वर्तमान में उस निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा सदस्य (MLA) हैं.



