
देहरादून, 23 दिसम्बर। उत्तराखंड में तीन साल पहले हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला अब फिर चर्चा में आ गया है। बीते दिन एक वीडियो वायरल हुआ और देहरादून से दिल्ली तक फिर हलचल हो गई। भाजपा-कांग्रेस में भी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस ने वीआईपी का नाम उजागर कर सीबीआई जांच की मांग की तो वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर शर्मनाक राजनीति करने का आरोप लगया।
उक्रांद का भी पारा चढ़ा

वहीं दूसरी ओर, उत्तराखंड क्रांति दल के महानगर अध्यक्ष प्रवीन चंद रमोला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खुलासे के बाद भी वीआईपी के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर भाजपा सरकार का पुतला फूंका। दोपहर कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए उक्रांद कार्यकर्ता द्रोण तिराहे पर पहुंचे और पुतले को आग के हवाले किया। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष रमोला ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाए कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ व उनकी पत्नी उर्मिला राठौड़ के बीच फोन रिकॉर्डिंग के माध्यम से जो बातें सामने आई हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया कि उस रात वीआईपी कौन था। कहा, धामी सरकार को तत्काल इस हत्याकांड के गवाह उर्मिला राठौड़ व सुरेश राठौड़ को तत्काल फोन सहित हिरासत में लेना चाहिए।
पूर्व विधायक की कथित पत्नी के वीडियो में क्या था ?
दरअसल, ये पूरा मामला पूर्व विधायक की कथित पत्नी के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद ही शुरू हुआ। भाजपा निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने फेसबुक लाइव आकर खुलासा किया था। इस वीडियो में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। उन्होंने वीडियो में बताया कि गट्टू बीजेपी का बड़ा नेता है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य का भी जिक्र किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि जिस दिन अंकिता की हत्या हुई वो गट्टू वहां क्या कह रहा था ? साथ ही एक ऑडियो का भी जिक्र किया जिसमें कहा कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया।
आरती गौड़ ने क्यों दिया इस्तीफा?
यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। इस संबंध में उन्हाेने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को संबोधित अपना इस्तीफा सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया है। गौड़ ने सरकार से अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है। आरती गौड़ ने बताया कि उर्मिला ने उस पर अंकिता हत्याकांड में रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने और देह व्यापार कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मेरे खिलाफ बड़ी साजिश कर मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। आरती ने कहा कि वह सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर चुकी हूं। बावजूद इसके सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराने और आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई में देरी कर रही है। कहा कि इससे आहत होकर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। जब तक सरकार अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच नहीं करवा देती वह अपने फैसले पर कायम रहेंगी।
भाजपा ने देवभूमि को बनाया अय्याशी का अड्डा
उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण ने कहा, भाजपा सरकार ने देवभूमि को अपने अय्याशी का अड्डा बना दिया है। मुख्यमंत्री धामी को अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने कहा, भाषणों में महिला सम्मान व महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली भाजपा सरकार असल में महिला विरोधी सरकार है। उन्होंने तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। पुतला फूंकने और प्रदर्शनकारियों में केंद्रीय उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय, पंकज व्यास, केंद्रीय महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट, अशोक नेगी, महानगर संगठन मंत्री भोला प्रसाद चमोली, महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, आशीष, जितेंद्र, किशोर बहुगुणा, आनंद कोठारी, महानगर महामंत्री निशित मनराल आदि शामिल रहे।



