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चौबट्टाखाल में महिला पर गुलदार का जानलेवा हमला, डीएम के निर्देश पर एम्स ऋषिकेश रेफर

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कोटद्वार, 10 दिसम्बर। उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. आज पौड़ी ज़िले के चौबट्टाखाल विधानसभा के ग्राम देवराड़ी में गुलदार ने एक महिला पर जानलेवा हमला किया. चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र में भी तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है.

महिला को युवा अंकित कंडारी ने गुलदार के चंगुल से छुड़ाया
पौड़ी में बुधवार को गुलदार ने एक महिला पर हमला किया. हमले के दौरान स्थानीय युवा अंकित कंडारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर बहादुरी दिखाते हुए महिला को गुलदार के चंगुल से छुड़ाया. गंभीर रूप से घायल महिला को पहले ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार दिया गया. महिला की हालत नाज़ुक होने पर जिलाधिकारी पौड़ी के निर्देश पर एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है.जहां चिकित्सकों की टीम उसका इलाज कर रही है. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

सतपाल महाराज ने बढ़ती घटनाओं पर व्यक्त की चिंता
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने पोखड़ा ब्लॉक के ग्राम देवराड़ी में 36 वर्षीय कंचन देवी पत्नी अर्जुन सिंह पर गुलदार के हमला में गंभीर रूप से घायल होने पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी से वार्ता कर तत्काल उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश में उनका उपचार करने के निर्देश दिए।

श्री महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में गुलदार के हमलों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए वन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वह पूरे इलाके में ड्रोन से निगरानी के साथ-साथ गश्त बढ़ाकर तत्काल लोगों की सुरक्षा के सभी जरुरी कदम उठाएं। उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों से कहा है कि गुलदार एवं जंगली जानवरों के छिपने के स्थान के साथ-साथ गांव के आसपास शीघ्रता से झाड़ियां का कटान करना सुनिश्चित करें।

वन विभाग ने स्थानीय स्वयंसेवकों को भी टीम में किया शामिल
इससे पहले पौड़ी जिले में बढ़ रही गुलदार की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. विभाग अब स्थानीय स्वयंसेवकों को भी अपनी टीम में शामिल करेगा. जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा सके. मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) गढ़वाल धीरज पांडेय ने बताया गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में एनाइड, ड्रोन और कैमरा ट्रैप के माध्यम से लगातार गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने जंगल जाने से पहले महिलाओं से अपील की है कि वह अपनी जानकारी वन कर्मियों को जरूर दें, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके. उन्होंने कहा स्थिति गंभीर हुई तो स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मी बच्चों को स्कूल आने-जाने में सहयोग करेंगे.

विगत पांच साल में गुलदार ने 27 लोगों को बनाया निवाला
पौड़ी गढ़वाल वन प्रभाग की छह रेंजों में पिछले पांच वर्षों में गुलदार ने 27 लोगों को मार डाला, जबकि 105 से अधिक लोगों को घायल किया है. प्रभाग के अंतर्गत 2022 में सर्वाधिक सात की मौत और 2021 में सबसे अधिक 25 लोग घायल हुए. मानव – वन्यजीव संघर्ष की सबसे कम घटना 2023 में हुई. जिसमें एक व्यक्ति ने गुलदार के हमले में जान गंवाई.

गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज नागदेव, पोखड़ा, पश्चिमी अमेली रेंज दमदेवल, पूर्वी अमेली थलीसैंण, दीवा रेंज धुमाकोट व पैठाणी रेंज में इस साल गुलदार के हमले से पांच की मौत और 25 लोग घायल हुए. विभाग के मुताबिक गुलदार के हमले में इस साल पहली मौत पूर्वी अमेली रेंज में दो जून को हुई. इसके अलावा 12 सितंबर व 13 नवंबर को पोखड़ा रेंज में दो और 20 नवंबर व चार दिसंबर को पौड़ी रेंज में गुलदार ने दो को मार डाला. वहीं वर्ष 2020 में चार की मौत व 12 घायल हुए. 2021 में छह मौत व 25 घायल हुए. 2022 में सात की मौत व 21 घायल, 2023- 24 में पांच की मौत और 22 घायल हुए.

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