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रिखणीखाल में बाघ घास काट रही महिला को घसीटता हुआ ले गया; खेत में मिला शव

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कोटद्वार, 6 दिसम्बर। प्रखंड रिखणीखाल के अंतर्गत ग्रामसभा अमलेशा के तोकग्राम डाल्यूंगाज में बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। महिला घर के समीप ही घास काट रही थी। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह रावत के साथ ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है।
घटना शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे की है। ग्रामसभा अमलेशा के तोकग्राम डाल्यूंगाज निवासी उर्मिला देवी (60 वर्ष) पत्नी राजेंद्र सिंह अपनी बहू प्रिया के साथ घर के समीप ही मवेशियों के लिए चारापत्ती काट रही थी। इसी दौरान घर से बच्चे के रोने की आवाज सुन प्रिया घर आ गई व उर्मिला देवी चारापत्ती उठाने लगी। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया और घसीटता हुआ घटनास्थल से करीब पचास मीटर दूर ऊपर वाले खेत मे ले गया।
काफी देर तक सास जब वापस नहीं आई तो उनकी बहू उन्हें ढूंढने खेत में पहुंची। खेत में सास को न देख उन्होंने आसपास तलाशा तो कुछ दूर पर उनकी सास पड़ी हुई थी व समीप ही बाघ बैठा हुआ था।
प्रिया का शोर सुन मौके पर अन्य ग्रामीण पहुंचे, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर चला गया। घटना की सूचना मिलते ही कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट वन प्रभाग की पलेन रेंज की टीम मौके पर पहुंच गई और महिला के शव को घटनास्थल से उठा कर घर ले आए। मौके पर पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी तरूण एस. ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार किसी बड़े जानवर को देखा गया है। लेकिन, वह गुलदार है अथवा बाघ, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
उधर, मौके पर पहुंचे विधायक दिलीप सिंह रावत ने बताया कि उर्मिला देवी पर बाघ ने हमला किया है। बताया कि उनकी ओर से लंबे समय से आमजन की सुरक्षा के लिए वन कानूनों में राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुरूप ढील देने की मांग की जा रही है, लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है। नतीजा, पूरे प्रदेश में आए दिन मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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