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स्वदेशी महोत्सव: पहाड़ी उत्पादों को स्वदेशी पहचान दिलाने का समय: नरेश बंसल

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देहरादून, 14 दिसम्बर। परेड ग्राउंड में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी महोत्सव एवं उत्तराखण्ड विकास प्रदर्शनी के छठे दिन साहित्य, संस्कृति और उद्यमिता का संगम देखने को मिला। इसी क्रम में राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना का भाव जागृत किया।

कवि सम्मेलन में श्रीकान्त श्री, जसबीर हलधर, दिव्यांशु दुष्यंत, मणि अग्रवाल ‘मणिका’, अवनीश मालासी और दर्द गढ़वाली जैसे कवि उपस्थित रहे। कवियों ने अपनी ओजपूर्ण और भावनात्मक रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखण्ड रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह समय अपनी सांस्कृतिक विरासत, स्वदेशी सोच और पहाड़ी उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देकर ही आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण संभव है।

विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री विनय रुहेला ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं और कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं और स्थानीय उद्यमियों को नई दिशा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर संस्कृति विभाग की टीम, शगुन मांगल ग्रुप तथा नन्हे कलाकारों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

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