
नई दिल्ली. 1 जनवरी। तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर हेल्थ सेस एक फरवरी से लागू होंगे. इस सेस के बाद बीड़ी, सिगरेट और पान मसाला महंगे हो सकते हैं. सरकार ने आज यह जानकारी दी. तंबाकू और पान मसाला पर लगने वाले नए टैक्स, जीएसटी के अतिरिक्त होंगे. ये उस कंपंसेशन सेस का स्थान लेंगे जो वर्तमान में इन प्रोडक्ट्स पर लगाया जा रहा है. सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, एक फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और ऐसे ही उत्पादों पर 40 फीसदी जीएसटी लगेगा, जबकि बीड़ी पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा. इसके अलावा, पान मसाला पर स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगेगा और तंबाकू व इससे जुड़े उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगेगा.
अब कौन सा टैक्स लगेगा?
हालांकि, सितंबर में GST की नई दरें लागू होने के बाद बाकी सामानों पर से कंपनसेशन सेस हटा दिया गया था, लेकिन तंबाकू और गुटखे पर यह जारी था. इसके बाद सरकार इन प्रोडक्ट्स पर अलग से टैक्स लगाने के लिए शीतकालीन सत्र में दो बिल लेकर आई. हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस एक्ट और सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) एक्ट, 2025. दोनों बिल को संसद की मंजूरी मिलने के बाद सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर बताया है कि यह 1 फरवरी 2026 से लागू होंगे.
पान मसाला, सिगरेट पर 40% जीएसटी
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, एक फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि ‘बीड़ी’ पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसके अतिरिक्त, पान मसाला पर स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया जाएगा जबकि तंबाकू एवं संबंधित उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगेगा।
एक फरवरी से लागू होगा नया शुल्क
अलग-अलग दरों पर लगने वाला मौजूदा जीएसटी मुआवजा उपकर एक फरवरी से खत्म हो जाएगा. इस बदलाव के तहत, तंबाकू और पान मसाला पर मौजूदा जीएसटी कंपंसेशन सेस 1 फरवरी से समाप्त हो जाएगा. यह कंपंसेशन सेस मूल रूप से जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को हुए रेवेन्यू नुकसान की भरपाई के लिए शुरू किया गया था.
केंद्र सरकार द्वारा सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने की अधिसूचना जारी करने के बाद सिगरेट कंपनियों के शेयरों में आज जोरदार गिरावट आई है. बाजार की दिग्गज कंपनी ITC, जो देश की सबसे बड़ी सिगरेट निर्माता है के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान ही 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. सुबह 11 बजे आईटीसी के शेयर 6.45 फीसदी की गिरावट के साथ 376.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स शेयर 10.33 फीसदी की गिरावट के साथ 2478.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था. निवेशकों को डर है कि ऊंचे टैक्स के कारण सिगरेट की बिक्री में कमी आ सकती है और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा.
सिगरेट की 1000 स्टिक पर 8500 रुपये तक का कर
गुटखा पर 91 प्रतिशत, चबाने वाले तंबाकू पर 82 प्रतिशत और जर्दा सुगंधित तंबाकू पर 82 प्रतिशत का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। सिगरेट की लंबाई व फिल्टर के आधार पर प्रति 1,000 ‘स्टिक’ पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक का कर लगेगा।



