उत्तराखंडक्राइमयूथ कार्नरशिक्षासामाजिकस्वास्थ्य

जंगली जानवरों से परेशान महिलाओं ने वन कर्मियों को रस्सी से बांधकर 2 घंटे खड़ा रखा

Listen to this article
मेहलचौरी (चमोली), 1 जनवरी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों गुलदार, भालू और बंदरों के हमले से दहशत में आए ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। वनविभाग के कर्मचारी ग्रामीणों के निशाने पर हैं।
बुधवार को चमोली जिले में सिलंगा ग्राम पंचायत के उजिटिया गांव में वन विभाग की टीम के देरी से पहुंचने पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने टीम पर अनदेखी का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। साथ ही पूरी टीम को रस्सी से बांधकर दो घंटे तक एक घर के आंगन में खड़ा रखा। बंधक बनाए लोगों में फारेस्टर सहित छह कर्मचारी शामिल थे। बाद में गांव में पिंजरा लगाने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने टीम को छोड़ा।
गांव में मंगलवार की रात गुलदार ने राजेंद्र सिंह मेहरा की गोशाला का दरवाजा तोड़कर गर्भवती गाय और उसके दो वर्ष के बछड़े को मार डाला था। सुबह राजेंद्र सिंह की पत्नी कस्तूरा देवी जब चारा देने गोशाला पहुंची तो दोनों मवेशियों को मृत देखकर घबरा गई। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। वन विभाग के कर्मचारी नौ बजे गांव में पहुंचे। ऐसे में महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने ग्रामीणों और उनकी मवेशियों की चिंता न करने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया और देखते ही देखते वन विभाग की पूरी टीम को रस्सी से बंधक बना दिया।
ग्राम प्रधान दीपा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी ने कहा कि जनपद अल्मोड़ा में घटी घटनाओं के दो दिन बाद ही पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया है, जबकि हमारे क्षेत्र में अनुमति देने में देरी की जा रही है।
पिंजरा लगाने की बात पर मानी ग्रामीण महिलाएं
दो घंटे बाद वहां पहुंचे जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने बताया कि वह डीएफओ से मिलकर ही आ रहे हैं। बुधवार शाम तक पिंजरा लगा दिया जाएगा, जिसके बाद ही ग्रामीण मान गए। सुरेश बिष्ट ने बताया कि गुलदार के बढ़ते हमलों की गंभीरता को देखते हुए उसके नरभक्षी होने की आशंका है।
पांच दिन में छह मवेशियों पर हमला
क्षेत्र में कई दिनों से गुलदार की दहशत बनी हुई है। भंडारीखोड में शनिवार को कृष्णानंद थपलियाल की तीन गायों को गुलदार ने निवाला बना दिया था। रविवार को उजिटिया के मोहन सिंह के पालतू कुत्ते पर दोपहर में हमला कर घायल कर दिया था। सोमवार को रंगचौणा की लीला देवी की गाय को भी गोशाला में निवाला बना डाला। कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत पसारागांव, पुरानालोहबा व नवाण में भी बीते सप्ताह गुलदार पांच गायों को अपना निवाला बन चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button