
देहरादून, 2 जनवरी। इन दिनों अपने कुछ नेताओं ने कारण बीजेपी के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है. अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सामने आ गया, जिसने फिर से सरकार और बीजेपी की फजीहत करा दी है. हालांकि, मामले सामने आने के बाद गिरधारी लाल साहू ने इस मामले पर सफाई दी और माफी भी मांगी है. वीडियो बीती 23 दिसंबर के दिन एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है.
दरअसल, गिरधारी लाल साहू अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में एक कार्यक्रम में गए थे. वहीं पर वो कुछ युवाओं के बात कर रहे थे. इस दौरान गिरधारी लाल साहू ने कार्यक्रम में मौजूद कुछ युवाओं से बात की और उसने पूछा कि अब तक उनकी शादी नहीं हुई क्या? आगे वो कहते हैं कि, इतनी उम्र में तो हमारे तीन-चार बच्चे हो जाते. गिरधारी लाल साहू ने फिर बिहार राज्य का नाम लेते हुए कहा कि तुम लोग वहां चले जाओ. वहां से 20 से 25 हजार रुपए में शादी के लिए युवतियां मिल जाती हैं.
गिरधारी लाल साहू का जब ये वीडियो सामने आया है तो उनकी हर जगह आलोचना होने लगी. सोशल मीडिया पर बीजेपी और गिरधारी लाल साहू को ट्रोल किया जाने लगा. पहले से ही अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर चर्चाओं में आने से दुविधा में पड़ी बीजेपी के लिए गिरधारी लाल साहू के इस बयान ने असहज स्थिति पैदा हो गई. हालांकि, अब अपने इस बयान पर गिरधारी लाल साहू सफाई देते हुए नजर आ रहे हैं. गिरधारी लाल साहू ने अपनी सफाई में बताया कि वो धौलागढ़ क्षेत्र में एक कार्यक्रम में गए थे. वहीं पर उन्होंने अपने मित्र की शादी के विषय में चर्चा की थी.
मेरे उस संबोधन को विरोधियों और कांग्रेस के नेताओं ने तोड़-मरोड़कर मीडिया में पेश किया है, जो गलत और निराधार है. जहां तक बेटियों के बारे में बात है. मैं हर साल बरेली में होने वाली रामलीला में 101 बेटियों की शादी करता हूं. जो भी मेरी श्रद्धा होती है, उसका मैं सहयोग करता हूं. विरोधी सिर्फ मेरे संबोधन को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं, ताकि जनता से उन्हें कोई लाभ मिले, लेकिन जनता उन्हें कोई लाभ नहीं देगी. फिर भी मेरी बात किसी को गलत लगी और उससे ठेस पहुंची हो तो मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं.
गिरधारी लाल साहू, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति
सबसे गंभीर बात यह है कि यह बयान उस परिवार से आया है, जिसकी सदस्य स्वयं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय की मंत्री हैं. यह सरकार की कथनी और करनी के बीच के अंतर को साफ़ तौर पर सामने लाता है. महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों पर किसी भी तरह की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है. दोषियों को जवाबदेह ठहराना और सार्वजनिक माफी सुनिश्चित करना लोकतंत्र और संविधान की अनिवार्य मांग है.
ज्योति रौतेला, प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा, उत्तराखंड कांग्रेस



