SIR In Uttarakhand: दूसरे राज्य वाले भी आसानी से ढूंढ लेंगे नाम, वोटर लिस्ट को भी लिंक करेगा आयोग

देहरादून, 3 जनवरी। उत्तराखंड में 2003 के बाद यहां आकर मतदाता बनने वाले मतदाताओं को अपने राज्यों की मतदाता सूची में नाम ढूंढने के लिए राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय उनकी राह आसान करने जा रहा है।
इस कड़ी में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय अपनी वेबसाइट में दूसरे राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों की वेबसाइट को लिंक करने की तैयारी में जुटा है। उद्देश्य यह कि यहां 2003 के बाद आने वाले मतदाता अपनी पुरानी मतदाता सूची में नाम आसानी से ढूंढ सकें। प्रदेश में इसी वर्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) शुरू होने की संभावना है। इससे पहले प्रदेश में प्री-एसआइआर का कार्य शुरू हो चुका है। इसके तहत 38 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की वर्ष 2003 की सूची से मैपिंग की जा रही है।
अभी यह मैपिंग केवल उत्तराखंड के मतदाताओं की ही हो रही है। प्रदेश में जब एसआइआर शुरू होगा उस समय दूसरे प्रदेश से वर्ष 2003 के बाद आने वाले मतदाताओं की उस राज्य की मतदाता सूची से मैपिंग होगी, जहां उनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था। इसके लिए वर्ष 2025 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं को एक फार्म दिया जाएगा। जिसमें वह अपने पुराने मतदाता पहचान का जिक्र करेंगे। इस समय कई राज्यों में एसआइआर का कार्य चल रहा है।
इसे देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय इसके पूरे होने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद जिन राज्यों में एसआइआर हो गया होगा, उनकी नवीनतम मतदाता सूची और जहां एसआइआर नहीं हुआ हैं वहां की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनकी दी गई जानकारी पुख्ता की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम दोनों ही सूची में दर्ज नहीं होगा, वहां उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से उनकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी। यद्यपि, प्रदेश में जब एसआइआर शुरू होगा, तब केंद्र इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगा।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने बताया कि मतदाताओं की सूची के लिए दूसरे राज्यों की मतदाता सूची को विभागीय वेबसाइट से लिंक करने की तैयारी है।



