अंकिता हत्याकांड : उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर का झूठ पकड़ेगी नार्को टेस्ट मशीन!

हरिद्वार, 9 जनवरी। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआइपी की भूमिका को लेकर प्रसारित आडियो क्लिप के बारे में अभिनेत्री उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर में कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है। इसका फैसला करने के लिए एसआइटी जल्द ही दोनों का नार्को टेस्ट करा सकती है। इसके साथ ही दोनों के वायस सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। जहां आडियो क्लिप में सुनाई दे रही दोनों आवाजों का उनसे मिलान किया जाएगा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सीबीआइ जांच की संस्तुति प्रदेश सरकार कर चुकी है। इस संबंध में किए गए दावों से जुड़ी आडियो क्लिप को लेकर एसआइटी की जांच अब वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ेगी। पहले दिन एसआइटी ने उर्मिला सनावर से पूछताछ की, जिसमें उर्मिला ने अपने आरोपों को दोहराते हुए इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही आडियो क्लिप को पूर्व विधायक सुरेश राठौर से बातचीत की रिकार्डिंग बताया। अगले दिन सुरेश राठौर ने एसआइटी के सामने पेश होकर साजिश का आरोप लगाया।
हालांकि, सूत्र यह भी बताते हैं कि अप्रत्यक्ष रूप से सुरेश राठौर ने कई रिकार्डिंग में अपनी आवाज होने की बात कुबूल की है, लेकिन इसे वैज्ञानिक तरीके से साबित करने के लिए एसआइटी जल्द ही दोनों का नार्को टेस्ट करा सकती है।
दोनों आरोपितों के मोबाइल फोन कोर्ट में जमा करने के साथ ही उनके वायस सैंपल लेकर लैब भेजे जाएंगे। जहां इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही आडियो क्लिप से उनकी आवाज का मिलान किया जाएगा। नार्को टेस्ट और फारेंसिक जांच में यह साफ हो जाएगा कि उर्मिला सनावर दावों में कितनी सच्चाई है और सुरेश राठौर की सफाई में कितनी जान है।
पूर्व विधायक ने एक घंटे किया इंतजार
पूर्व विधायक सुरेश राठौर दोपहर करीब एक बजे एसओजी दफ्तर पहुंच गए। पुलिस की टीम भी आ गई थी, लेकिन एसआइटी सदस्य व मुकदमे के विवेचक इंस्पेक्टर आरके सकलानी कोर्ट में किसी काम से गए थे, उन्हें वापस आने में समय लगा। तब तक लगभग एक घंटे तक पूर्व विधायक इंतजार करते रहे।
पुलिस ने समर्थकों को खदेड़ा
पूर्व विधायक के साथ उनके कई समर्थक भी एसओजी कार्यालय तक पहुंचे। सुरेश राठौर के अंदर जाने के बाद समर्थक एसओजी दफ्तर के सामने ही खड़े हो गए। बाद में पुलिस ने उन्हें खदेड़ कर दूर भेजा।



