
ऋषिकेश, 11 जनवरी। ऋषिकेश वन रेंज में वन विभाग की ओर से चिह्नित 114 भूखंडों में तारबाड़ करने का कई पार्षदों ने विरोध किया है। बापू ग्राम में कई पार्षदों की ओर से सामूहिक जनसभा आयोजित कर विभागीय कार्रवाई का विरोध करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में क्षेत्रीय पार्षद मुस्कान चौधरी, अनिल रावत, राजेंद्र सिंह बिष्ट, अभिनव सिंह मलिक व कई अन्य पार्षद शामिल रहे। वहीं, आज वन विभाग व तहसील प्रशासन की टीम ने तारबाड़ की कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि, वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से लोगों को विभागीय कार्रवाई में बाधा न डालने की चेतावनी दे रही है।
बता दें कि सुप्रीम में ऋषिकेश वन रेंज के अंतर्गत नगर निगम के कई वार्डों की लीज पर दी गई वन भूमि संबंधी प्रकरण विचाराधीन है। बीती 26 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक वन विभाग ने सुप्रीम के आदेश पर लीज की खाली पड़ी भूमि की नपाई व कब्जे की कार्रवाई की थी। अब वन विभाग ने चिह्नित किए गए 114 बड़े भूखंडों की तारबाड़ कराने का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों में शिवाजीनगर, मीरानगर, बीस बीघा, बापू ग्राम, सुमन विहार, मालवीय नगर, अमित ग्राम पूरब, अमित ग्राम पश्चिम आदि वार्ड शामिल हैं।
वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग बार-बार आकर तारबंदी करता है, जबकि न तो स्पष्ट सीमांकन है और न ही कोई पारदर्शी कानूनी दस्तावेज जनता के सामने रखा गया है। इस दौरान लोग पूछ रहे कि अगर यह वन भूमि है तो दशकों से लोग यहां कैसे बसे, अगर यह निजी भूमि है तो तार किस अधिकार से लगाया जा रहा है। इन सवालों का जवाब आज तक किसी अधिकारी ने साफ-साफ नहीं दिया। इस दौरान लोगों ने चेतावनी दी कि अब पीछे नहीं हटेंगे। साफ शब्दों में कहा गया कि यह आंदोलन लंबा चलेगा। यदि जरूरत पड़ी तो इसे जिले से लेकर राज्य और अदालत तक ले जाया जाएगा। यह भी तय किया गया कि हर दिन धरना होगा।



