स्वामी विवेकानंद की जयंती पर स्वदेशी संकल्प दौड़ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी

देहरादून, 12 जनवरी। स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देने को लेकर स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया. देहरादून के गांधी पार्क में भाजपा युवा मोर्चा की ओर से आयोजित स्वदेशी संकल्प दौड़ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए. इस दौरान सीएम ने स्वदेशी संकल्प दौड़ को हरी झंडी दिखाकर युवाओं को रवाना किया. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने स्वदेशी के क्षेत्र में काम करने वाले तमाम संगठनों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया. स्वदेशी संकल्प दौड़ का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के प्रति बढ़ावा दिया जा सके.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत की महान परंपरा, ऋषि परंपरा के ध्वजवाहक और युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सभी को शुभकामनाएं दी. साथ ही सीएम ने कहा कि इस स्वदेशी संकल्प दौड़ में युवाओं के बीच में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है. ये युवा ऊर्जा के स्रोत हैं और युवाओं के अंदर जो ऊर्जा है, वो भूमंडल में जाने के कारण फिर भूमंडल में लौटकर वापस आती है, जो ऊर्जा बढ़ाने का काम करती है. सीएम ने कहा कि आज का दिन भारत के युवाओं की शक्ति और उनके संकल्प के साथ ही उनके संभावनाओं के बारे में विचार करने का दिन है.
लक्ष्य प्राप्त करने को लगातार प्रयास करते रहो: स्वामी
सीएम ने कहा कि, स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि, ‘उठो जागो और लक्ष्य की प्राप्ति करो, और जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो तब तक लगातार प्रयास करते रहो’. ऐसे में स्वामी विवेकानंद का ये संदेश आज सब युवाओं के लिए एक मंत्र के समान है. विवेकानंद ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं को मजबूत नींव बताया था. आज भारत इसी विचार और मंत्र को लेकर आगे बढ़ रही है. युवा देश का सिर्फ वर्तमान नहीं बल्कि भविष्य भी हैं. ऐसे में युवाओं की ऊर्जा और सोच के साथ ही युवाओं का परिश्रम, भारत को साल 2047 में विकसित भारत बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. ये स्वदेशी संकल्प दौड़ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता हुआ युवाओं का एक कदम है.
युवाओं के प्रेरणाश्रोत थे स्वामी विवेकानंद: धामी
सीएम धामी ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवाओं को बधाई दी. साथ ही श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं. आज भारत देश भी दुनिया का सबसे युवा देश है, जहां की 65 फीसदी आबादी 42 साल से कम उम्र की है. ऐसे में दुनिया के सबसे युवा देश में से, भारत देश एक है. वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को नवाचार के अवसर मिल रहे हैं. शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को फोकस करते हुए नवाचार को आगे बढ़ाया जा रहा है. राज्य के अंदर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 27 हजार युवाओं को पिछले 4 सालों में सरकारी नौकरी दी गई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.



