अप्रैल से UPI के जरिए ईपीएफ से 8 करोड़ कर्मचारी सीधे निकाल सकेंगे धनराशि

नई दिल्ली, 17 जनवरी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ.) के लगभग 8 करोड़ अंशधारक इस साल अप्रैल से यू.पी.आई. के माध्यम से अपनी भविष्य निधि (ई.पी.एफ.) से धनराशि निकाल सकेंगे।
न्यूनतम राशि को शेष रखना जरूरी
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत सदस्य अपने यू.पी.आई. पिन का उपयोग कर सुरक्षित लेन-देन कर पाएंगे और राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी। सूत्रों ने बताया कि योजना के अंतर्गत ई.पी.एफ. खाते की एक न्यूनतम राशि सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि शेष पात्र रकम निकाली जा सकेगी। बैंक खाते में आने के बाद इस राशि का उपयोग इलैक्ट्रॉनिक भुगतान, ए.टी.एम. या डैबिट कार्ड के जरिए किया जा सकेगा।
साफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी खामियों को किया जा रहा दूर
ई.पी.एफ.ओ. फिलहाल सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर कर इस प्रणाली को सुचारू बनाने में जुटा है। वर्तमान में ई.पी.एफ. से निकासी के लिए दावा दाखिल करना पड़ता है, जो समय लेने वाली प्रक्रिया है। हालांकि स्वचालित निपटान प्रणाली के तहत तीन दिनों में भुगतान हो जाता है और इसकी सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इससे बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास जैसी जरूरतों के लिए त्वरित वित्तीय सहायता मिलती है। सरकार का उद्देश्य इस पहल के जरिए ई.पी.एफ. निकासी प्रक्रिया को सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है। इससे ई.पी.एफ.ओ. का प्रशासनिक बोझ कम होगा और कर्मचारियों की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा।



