
देहरादून, 12 फरवरी। तिब्बती मार्केट में हुई अर्जुन शर्मा हत्याकांड का खुलासा हो गया है. करोड़ों रुपए की संपत्ति, लेकिन कुछ लाखों रुपए की लालच में मां ने अपने बेटे की हत्या करवाई थी. अर्जुन का अपनी मां और उसके सहयोगियों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. जिसके चलते उसकी मां और उसके सहयोगियों ने उसे (अर्जुन) को रास्ते से हटाने के लिए 12 लाख रुपए में दो सगे भाइयों से सौदा किया था.
मुठभेड़ में जख्मी दोनों बदमाश सगे भाई
पूछताछ में बताया गया कि दोनों सगे भाई हैं और मूल रूप से ग्राम देवीखाल पोस्ट गुमखाल कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। वर्तमान में अपने परिवार के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के चक्खूवाला में रह रहे हैं। पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर का काम करता है। राजीव ऑटो चलाने का कार्य करता है। विनोद उनियाल, उनके परिचित डॉ. अजय खन्ना व अर्जुन की मां बीना शर्मा का अर्जुन शर्मा से प्रापर्टी व पैसों के लेने देन को लेकर विवाद चल रहा था। पूर्व में दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए थे।
दोनों ‘लंगड़ों’ ने हत्या के बाद बदला था हुलिया
हत्या करने के बाद मुठभेड़ में जख्मी दोनों भाइयों ने हुलिया बदल लिया था। पंकज ने बाल काले करवा लिए थे, साथ ही मूंछे भी हटा दी थी। पुलिस को गुमराह करने को कपड़े भी बदले, वहीं पंकज के भाई राजीव ने जैकेट बदल ली थी। कपड़े कहां बदले और मूंछे हटवाने के साथ ही बाल काले कहां करवाए, इस बाबत पुलिस जानकारी जुटा रही है। घटना के बाद सुपारी की रकम के लिए दोनों भाइयों में झगड़ा भी हुआ था। पंकज का भाई राजीव भी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसी वजह से वह पंकज के साथ घटना में शामिल हो गया।
40 करोड़ की संपत्ति का 14 करोड़ में हुआ था सौदा
एसएसपी ने बताया, डॉ. अजय खन्ना की अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपत्ति को खरीदने की एवज में 14 करोड़ रुपये में डील हुई थी, जिसमें से आठ करोड़ बीना शर्मा को दिए जा चुके थे। अर्जुन ने मां द्वारा बेची गई प्रापर्टी पर कोर्ट से स्टे ले लिया था। रकम देने के बाद भी प्रापर्टी पर कब्जा न मिलने से डॉ. खन्ना काफी परेशान चल रहा था। बीना पर पैसे वापस देने का दबाव बना रहा था, जिसे लेकर मां-बेटे के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। मां ने अपने बेटे से खुद को असुरक्षित बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा प्राप्त की थी, जिसमें उनको एक महिला सिपाही मिली थी।
11 फरवरी की रात में हुई मुठभेड़
वहीं, चेकिंग अभियान के दौरान 11 फरवरी की रात में रायपुर पुलिस ने लाडपुर क्षेत्र में सीक्यूएआई तिराहे से आगे जंगल की ओर से आ रहे एक व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया, लेकिन व्यक्ति पुलिस टीम पर फायर कर जंगल की ओर भाग गया. पुलिस की आत्मरक्षा में किए गए जवाबी फायरिंग में उस व्यक्ति के पैर पर गोली लग गई. मौके से आरोपी के पास से 315 बोर का 1 तमंचा और 1 खोखा कारतूस बरामद हुआ. इसके बाद देर रात डोईवाला पुलिस ने चेकिंग के दौरान लालतप्पड़ चौकी के सामने बैरियर पर देहरादून की ओर से आ रही एक स्कूटी को रोका गया.
पुलिस को देखकर स्कूटी सवार व्यक्ति वापस मुड़कर भागने का प्रयास करने लगा. जिस पर पुलिस की टीम ने उसका पीछा किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस की टीम पर फायर कर पास में स्थित बंद पड़ी बिरला फैक्ट्री के अंदर भाग गया और अंदर से पुलिस टीम पर फायर करने लगा.



