T-20 विश्वकप क्रिकेट में भारत के पाकिस्तान को हराने देहरादून में देर रात तक मना जश्न

देहरादून, 15 फरवरी। कोलंबो में रविवार को खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को धूल चटाते हुए शानदार जीत दर्ज की तो इसके साथ ही देर रात पूरा देहरादून मानो एक बड़े राष्ट्रीय पर्व में बदल गया।
जैसे ही पाक का आखिरी विकेट गिरा और भारत की जीत का ऐलान हुआ, शहर का माहौल बदल गया। हर दिशा ‘भारत माता की जय’ की गूंज से भर उठा, लोग सड़कों पर टूट पड़े और रात दीपोत्सव में तब्दील हो गई। घंटाघर पर जश्न के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। इसके साथ ही सड़कों पर भारत माता के जयघोष के साथ युवाओं की टोलियां तिरंगा थामे बाइकों व कारों पर गुजरती नजर आईं। पूरा शहर आतिशबाजी की रंगीन रोशनी में नहा गया।

क्रिकेट का जुनून वैसे तो दूनवासियों के सिर चढ़कर बोलता ही है, लेकिन जब मुकाबला भारत-पाक के बीच का हो तो उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। वैसे भी इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का हर किसी को बेसब्री से इंतजार था।
रविवार देर शाम सात बजे शुरू हुआ तो शहर की रफ्तार मानों थम सी गई। क्या घर, क्या बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान, जिन्हें जहां मौका मिला, वहीं लोग टीवी सेट के आगे चिपककर बैठ गए। फिर क्या बच्चा, क्या बुजुर्ग और महिलाएं, हर कोई मैच का आनंद लेता दिखा। विश्व कप में पाक को पिछली बार शिकस्त देने के बाद हर कोई यह मानकर बैठा था कि इस बार भी टीम इंडिया पाकिस्तान को धूल चटाएगी। हुआ भी इसी के अनुरूप और देर रात जब सूर्यकुमार की सेना ने पाकिस्तान पर फतह हासिल की तो लोग खुशी से सड़कों पर झूमने लगे।
घंटाघर पर तो जश्न मनाने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा और माहौल में किसी तरह का खलल न पड़े, इसके लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी करनी पड़ी। इससे पहले मैच के दौरान की घड़ी-घड़ी पर नजर, दूनवासियों की सांसें अटकी रहीं।
राजपुर रोड से लेकर पटेलनगर, धर्मपुर, प्रेमनगर और रायपुर तक पूरे शहर में हर घर में टीवी की आवाज और हर दिल में धड़कनें तेज थीं। जब भारत ने शुरुआती विकेट लिए, युवा उछल पड़े। जब पाकिस्तान ने कुछ बड़े शाट लगाए, माहौल तनावपूर्ण हो उठा।
लेकिन जैसे ही मैच भारत के पाले आना शुरू हुआ, पूरा दून एक सुर में थिरकने लगा। लोग हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिखे कि बस ये जीत भारत की हो जाए। और जब जीत मिली… हवा में खुशी, गर्व और राहत की लहर दौड़ गई।
घंटाघर बना ‘विजय चौक’, जीत के साथ उमड़ी लहर
जागरण संवाददाता, देहरादून। देर रात लगभग सवा 10 बजते-बजते शहर का ऐतिहासिक घंटाघर लोगों से भर चुका था। यहां जुटी भीड़ इतनी अधिक थी कि सड़कें धीमी पड़ गईं।
युवा कंधों पर विशाल तिरंगा लेकर नारे लगा रहे थे। जैसे ही हार्दिक पांड्या ने पाक का आखिरी किला ध्वस्त किया, पूरा शहर और घन्टाघर ‘भारत माता की जय’ ‘वंदे मातरम्’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के उदघोष के साथ गूंज पड़ा।
ढोल-नगाड़ों की तेज ताल पर नाचते युवाओं और तिरंगा लहराते परिवारों ने माहौल को पूर्णतः उत्सव में बदल दिया। बच्चे तिरंगे के रंगों से रंगे चेहरे लिए अपने माता-पिता के साथ खुशी में झूमते रहे। कई लोग कार की छतों पर बैठकर तिरंगा लहराते आगे बढ़ रहे थे, तो कई बाइक सवार युवाओं ने तिरंगे ओढ़कर विजय रैली निकालीं।
हर सड़क, गली-मोहल्लों में आतिशबाजी, चमक उठा दून का आसमान
भारत की जीत के कुछ ही मिनटों में शहर का आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा। राजपुर रोड, बिंदाल चौक, बल्लूपुर, कांवली रोड, परेड ग्राउंड से लेकर शहर की हर सड़क, गली-मोहल्ले से लगातार पटाखों की आवाज गूंज रही थीं। आसमान में नीली, सुनहरी, हरी और लाल रोशनी तैर रहीं थीं। मानो दून की रात खिल उठी हो। लोग जीत को ऐसे मना रहे थे जैसे कोई राष्ट्रीय पर्व हो। हर तरफ लोग एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाते दिखे और कहते रहे कि ‘ये जीत पूरे हिंदुस्तान की है।’
देशभक्ति की भावनाओं से पिघला माहौल, एकता का संदेश भी दिखा
जश्न के बीच कई जगह भारतीय सेना को समर्पित गीत बजाए गए। ‘संदेसे आते हैं…’, ‘ये देश है वीर जवानों का…’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों…’ इन गीतों पर कई लोगों की आंखें नम हुईं, गर्व ने दिलों को भिगो दिया। युवाओं ने कहा कि भारत-पाक मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, हर भारतीय की भावनाओं का मामला होता है। आज हम सबने गर्व से सिर ऊँचा किया है।
देर रात तक चलता रहा जश्न
रात 12 बजे तक भी शहर जागा रहा, जीत का जोश थमा नहीं था। घंटाघर, राजपुर रोड और आसपास के इलाकों में जश्न देर रात तक जारी रहा। लोगों की उमंग और देशभक्ति का उत्साह देखकर लगता था कि दून को भारत की इस जीत ने नई ऊर्जा दे दी है।
सड़कें लोगों के जयघोष, तिरंगों की लहर और ढोल की थाप से जीवंत बनी रहीं। एक बुजुर्ग देशभक्त ने कहा कि ‘आज की रात सिर्फ जीत नहीं, हर भारतीय के मन का उत्सव है। यह गर्व, यह जोश… पीढ़ियों को याद रहेगा।’



