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19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा, इस बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए देना होगा शुल्क

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ऋषिकेश, 16 फरवरी। अगर आप चारधाम यात्रा के लिए आनलाइन पंजीकरण करा रहे हैं तो इसके लिए शुल्क चुकाना होगा। शुल्क कितना होगा यह अभी तय नहीं किया गया है। अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुति मिलने पर एक-दो दिन के अंदर चारधाम के लिए आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। डग्गामार वाहनों पर भी और सख्ती की जाएगी।
सोमवार को यात्रा ट्रांजिट कैंप में मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय ने धामों से जुटे होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन, संयुक्त रोटेशन, डंडी-कंडी संचालकों के साथ बैठक की। मंडलायुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा की तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। होटल संचालकों ने कहा कि कई बार आनलाइन पंजीकरण कराने वाले यात्रा में नहीं आते हैं। धामों में दर्शन के स्लाट फुल दिखाई देते हैं।
आनलाइन पंजीकरण के लिए शुल्क लगाने का सुझाव दिया। कुछ होटल संचालकों ने कहा कि संचालकों को भी आनलाइन पंजीकरण कराने की सुविधा दी जाए। आयुक्त ने कहा कि व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुति मिलते ही एक-दो दिन के अंदर जरूरी निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
होटल एसोसिएशन की मांग पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, लेकिन प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने के लिए न्यूनतम पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया जाएगा। टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन की मांग पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। संयुक्त रोटेशन ने डग्गामार वाहनों की समस्या उठाई।
आयुक्त ने परिवहन विभाग को कठोर कार्रवाई को कहा। इसके साथ ही जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। डंडी-कंडी संचालकों के साथ हुई बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को उनके पंजीकरण, सत्यापन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
यह रहे बैठक में मौजूद
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अपर आयुक्त प्रशासन उत्तम सिंह चौहान, आरटीओ संदीप सैनी, उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, चारधाम यात्रा प्रशासन और नियंत्रण संगठन के सीईओ मनमोहन सिंह रावत, विशेष कार्याधिकारी डा. प्रजापति नौटियाल होटल एसोसिएशन के राजेश मेहता, शैलेंद्र मटूडा, शैलेश ध्यानी, मनोज सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, बीपी नैथानी, सुभाष सिंह, धीरज सेमवाल, अनिल कुमार, विनोद डिमरी, अमर बेलवाल, संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष मनोज ध्यानी, जितेंद्र नेगी आदि रहे।
यह है धामों के कपाट खुलने की तिथि
19 अप्रैल को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।
22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
परंपरा के अनुसार गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के दिन ही खुलते हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि वसंत पंचमी के दिन तय की गई थी।

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