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करोड़ों घोटाले के बाद देहरादून अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के वित्तीय लेनदेन पर 6 महीने तक रोक

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देहरादून, 17 फरवरी। दर्शन लाल चौक पर स्थित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में आरबीआई ने 6 महीने तक वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी. जिसके बाद आज बैंक खाताधारकों ने बैंक में पहुंचकर हंगामा किया. मौके पर बैंक अधिकारी नहीं मिलने के बाद खाताधारकों ने कोतवाली नगर पुलिस को शिकायत दर्ज कराई. बता दें इस बैंक में नगर निगम के करीब 50 ठेकदारों के खाते हैं. जिनके करीब 30 से 35 करोड़ रूपये के लेनदेन में रोक लगा दी गई है.

अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में आरबीआई द्वारा बैंक के खातों में होने वाले वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाने के कारण बैंक के करीब 9 हजार खाताधारकों पर इसका असर पड़ा है. आज बैंक के वित्तीय लेनदेन बंद होने की सूचना पर बैंक के खाताधारक ठेकेदार बैंक पहुंचे. बैंक में पहुंचकर उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया. उसी दौरान बैंक के कर्मचारी बैंक से फरार हो गए. इसके बाद हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची.

बैंक में आए खाताधारक ठेकदारों का कहना है कि साल 2013-2014 में हुए 38 करोड़ रुपए के घोटाले का ऑडिट अब हुआ है, जिसके कारण आरबीआई में वित्तीय लेनदेन बंद कर दिया है. जिसके कारण मौके पर मौजूद ठेकदारों के करीब 35 करोड़ रुपए सीज हो गए हैं. खाताधारकों द्वारा बैंक अधिकारी के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही बैंक अधिकारी के अनुसार करीब 98 करोड़ रुपए के लेनदेन पर रोक लगाई गई है.

सोमवार को आरबीआई का सर्कुलर मिला तो उसमें जानकारी मिली कि 6 महीने के वित्तीय लेनदेन में रोक लगाई गई है. जिसके कारण सभी खाताधारक परेशान हैं.उन्होंने बताया अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में साल 2013-2014 में करीब 38 करोड़ का घोटाला हुआ. बैंक आरबीआई के अधीन बैंक आता है. आरबीआई बैंक का ऑडिट करता आ रहा है.

RBI की ओर ये बयान
आरबीआई चीफ जनरल मैनेजर बृज राज की ओर से जारी पत्र में बताया है कि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून, (बैंक) को कुछ निर्देश जारी किए हैं. जिसके अनुसार 10 फरवरी, 2026 को कारोबार बंद होने से, बैंक आरबीआई की लिखित में पूर्व स्वीकृति के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम राशि नहीं देगा या नवीनीकृत नहीं करेगा, कोई निवेश नहीं करेगा, धन उधार लेने और नए जमा स्वीकार करने सहित कोई देनदारी नहीं लेगा, अपनी देनदारियों और दायित्वों के निर्वहन में या अन्यथा कोई भुगतान वितरित या वितरित करने के लिए सहमत नहीं होगा, कोई समझौता या व्यवस्था नहीं करेगा. अपनी किसी भी संपत्ति या परिसंपत्ति को बेचेगा, स्थानांतरित करेगा या अन्यथा निपटाएगा.

चीफ जनरल मैनेजर बृज राज की ओर से जारी रिलीज में बताया गया है किबैंक की वर्तमान नकदी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते से किसी भी राशि की निकासी की अनुमति न दे, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के उपरोक्त निदेशों में बताई गई शर्तों के अधीन जमाराशियों के बदले ऋणों को समायोजित करने की अनुमति है.बैंक कुछ आवश्यक मदों, जैसे- कर्मचारियों के वेतन, किराया, बिजली का बिल, आदि के संबंध में व्यय कर सकता है, जैसा कि निदेशों में विनिर्दिष्ट (Specify) किया गया है.

बीती 10 फरवरी को आरबीआई की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया है कि ‘बैंक में हाल ही में हुए प्रमुख घटनाक्रमों से उत्पन्न पर्यवेक्षी चिंताओं और बैंक के जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ये निदेश आवश्यक हैं.’

RBI की ओर से साफ किया गया है कि, ‘भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी निदेशों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए. बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक दिए गए निदेशों में निर्दिष्ट प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए अपना बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा. आरबीआई बैंक की स्थिति की निगरानी करता रहेगा और परिस्थितियों व जमाकर्ताओं के हित में, जैसा भी आवश्यक हो, इन निदेशों में संशोधन सहित आवश्यक कार्रवाई करेगा.’

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