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आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों के सभी लंबित दावों का 31 मार्च तक होगा भुगतान

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देहरादून, 21 फरवरी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित दावों के निस्तारण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू कर दी है। कार्मिकों को भी खास तौर पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने कहा है कि 31 मार्च तक हर हाल में सभी लंबित दावों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए क्लेम प्रक्रिया की दैनिक निगरानी, समितियों की विशेष बैठकें और कार्मिकों को लक्ष्य आधारित जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश में इस समय राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास विभिन्न अस्पतालों व कार्मिकों के इलाज के भुगतान संबंधी दावे लंबित चल रहे हैं।
प्राधिकरण ने इसका कारण तकनीकी कारणों और त्रुटिपूर्ण प्रस्तुतीकरण को बताया है। साथ ही एसएचए ने राज्य सरकार से भी इन भुगतान के लिए आर्थिक मदद मांगी है। यही नहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के स्तर पर लंबित दावों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संचालित ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पोर्टल को टीएमएस-ए से अपग्रेड कर टीएमएस-2.0 किया गया था।
पुराने पोर्टल का डाटा नए पोर्टल पर स्थानांतरित किए जाने के दौरान प्रारंभिक चरण में कई तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। इसका कारण दावों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित हो गए। उन्होंने बताया कि अब पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। लंबित दावों की समीक्षा के लिए क्लेम रिव्यू कमेटी (सीआरसी) और मेडिकल आडिट कमेटी (एमएसी) सक्रिय कर दी गई हैं। जो दावे परीक्षण में सही पाए जाएंगे, उनका तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
प्राधिकरण की क्लेम निदेशक डा सरोज नैथानी ने कहा कि सीआरसी में लगभग 65 हजार तथा एमएसी में 55 हजार से अधिक दावे लंबित थे। अब तक आठ हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि तय समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

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